October 15, 2020
mathura tourist places in hindi (mathura) mathura mein ghumne layak jagah

mathura tourist places in hindi (mathura) mathura mein ghumne layak jagah

mathura tourist places in hindi मथुरा एक धार्मिक तीर्थ स्थल है, और भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान है, मथुरा एक धार्मिक स्थल के साथ साथ विश्व प्रशिद पर्यटक स्थल है यहाँ देश विदेश से लाखो सेलानी भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए आते हैं। मथुरा में भगवान कृष्ण के कई मंदिर हैं मथुरा दिल्ली से 150 किलोमीटर और आगरा से करीब 56 किलोमीटर दूर भगवान श्री कृष्ण मथुरा दुनियाभर में काफी लोकप्रिय हैं। मथुरा में गुमने की जगह बहुत सारी है, मथुरा के प्रमुख पर्यटक स्थल की जानकरी हम आप को दे रहे रहे है, भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। उस स्थान अब भगवान कृष्ण मंदिर है

mathura tourist places in hindi/मथुरा के प्रमुख पर्यटक स्थल की जानकरी

द्वारकाधीश मंदिर मथुराDwarkadhish Temple Mathura

मथुरा का द्वारकाधीश मंदिर सेठ गोकुल दास पारीख ने 1814 में बनवाया था, सेठ गोकुल दास ग्वालियर रियासत का खजांची था। द्वारकाधीश मंदिर विश्राम घाट के नज़दीक है जो शहर के किनारे स्तिथ प्रमुख घाट है। भगवान कृष्ण को हम ‘द्वारकाधीश’ या ‘द्वारका के राजा’ के नाम से भी पुकारते है द्वारकाधीश मंदिर भगवान् श्री कृष्ण के नाम पर ही पड़ा है। इस मंदिर का बंदोबस्त आजकल वल्लभाचार्य सम्प्रदाय देखती है। मुख्य आश्रम में भगवान् कृष्ण और उनकी प्रिय राधा की मूर्तियाँ हैं। मंदिर के अन्दर सुन्दर नक्काशी, कला और चित्रकारी का बेहतरीन नमूना देखने को मिलता है। यह मंदिर रोज़ हज़ारों की संख्या में आने वाले पर्यटकों और श्रधालुओ से भरा रहता है और इस मिदिर में होली और जन्माष्टमी के समय में यहाँ भीड़ और भी बढ़ जाती है। यह अपने झूले के त्यौहार के लिए भी मशहूर है जो हर श्रावण महीने के अंत में आयोजित होता है और इससे बरसात की शुरुआत का आगाज़ भी होता है।

कृष्ण का गोवर्धन पर्वतGovardhan mountain of Krishna

कृष्ण का गोवर्धन पर्वतGovardhan mountain of Krishna
कृष्ण का गोवर्धन पर्वतGovardhan mountain of Krishna

गोवर्धन पर्वत को गिरिराज पर्वत भी कहा जाता है। एक धार्मिक कथा के अनुसार पुलस्त्य ऋषि के शाप के कारण यह पर्वत एक मुट्ठी रोज कम होता जा रहा है। कृष्ण काल के समय गोवर्धन पर्वत 30 हजार मीटर ऊंचा हुआ करता था और अब 30 मीटर ही रह गया है। इसी पर्वत को भगवान कृष्ण ने अपनी चींटी अंगुली पर उठा लिया था। श्रीगोवर्धन पर्वत मथुरा से 22 किमी की दूरी पर स्थित है। इन्द्रदेव ने गुसा होकर भरी बारिश कराई थी तब भगवान कृष्ण ने अपनी चींटी अंगुली से उठा लिया था। मथुरा, गोकुल, वृंदावन आदि के लोगों बारिश से बचाना चाहते थे। नगरवासियों ने इस पर्वत के नीचे इकठ्ठा होकर अपनी जान बचाई।

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बांके बिहारी मंदिर मथुरा Banke Bihari Temple Mathura

श्री बांके बिहारी धाम वृन्दावन पावन भूमि पर स्तिथ है बांके बिहारी मंदिर भारत में मथुरा जिले के वृंदावन धाम में रमण रेती पर स्थित है। बांके बिहारी मंदिर भारत के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। बांके बिहारी कृष्ण का ही एक रूप है इस मंदिर निर्माण स्वामी हरिदास ने 1864में करवाया था। श्रीधाम वृन्दावन यह एक ऐसी पावन भूमि है, जिस भूमि पर आने मात्र से ही सभी पापों का नाश हो जाता है। ऐसा आख़िर कौन व्यक्ति होगा जो इस पवित्र भूमि पर आना नहीं चाहेगा तथा श्री बाँकेबिहारी जी के दर्शन कर अपने को कृतार्थ करना नहीं चाहेगा। यह मन्दिर श्री वृन्दावन धाम के एक सुन्दर इलाके में स्थित है।

कंस किला मथुरा Kansa Fort Mathura

कंस किला यमुना नदी के तट पर बसा है। आज कल यह किला खंडर स्तिथि में है, पर अपने समय में यह कृष्ण के मामा कंस का घर हुआ करता था। यमुना नदी के किनारे पर आज कंस किला मात्र खंडर हैं, हालांकि वर्तमान संरचना 16 वीं शताब्दी में राजा मान सिंह द्वारा बनवाई गई थी और बाद में महाराजा सवाई जय सिंह द्वारा परिसर में एक वेधशाला जोडी गई थी। जगह की वास्तुकला हिंदू-मुस्लिम कलात्मकता का मिश्रण दर्शाती है।

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कुसुम सरोवर घाट मथुरा Kusum Sarovar ghat Mathura

कुसुम सरोवर घाट मथुरा Kusum Sarovar ghat Mathura
कुसुम सरोवर घाट मथुरा Kusum Sarovar ghat Mathura

कुसुम सरोवर मथुरा नगर में गोवर्धन से लगभग 2 किलोमीटर दूर राधाकुण्ड के पास स्थित है। कुसुम सरोवर1675 ई. से पहले यह कच्चा कुण्ड था, जिसे ओरछा के राजा वीरसिंह ने पक्का कराया। उसके बाद राजा सूरजमल ने इसे अपनी रानी किशोरी के लिए बाग़-बगीचे का रूप दिया और इसे अधिक सुन्दर और मनोरम स्थल बना दिया। बाद में जवाहर सिंह ने इसे अपने माता-पिता के स्मारक का रूप दे दिया। कुसुम सरोवर 460 फीट लम्बे चबूतरे पर है। इसकी पिछली दीवार दोनों किनारों पर पर्दे के सदृश: प्रतीत होती है और विभिन्न रूपरेखा की दो मंजिली नौ छतरियाँ अग्रभाग में उभार प्रदर्शन को निर्मित की गई हैं। रानी हंसिया के स्मारक के सन्निकट एक विश्वसनीय दासी की छतरी भी है। कुसुम सरोवर गोवर्धन के परिक्रमा मार्ग में स्थित एक रमणीक स्थल है,उचित देखभाल न होने के कारण यह अपनी भव्यता और रमणीकता खोता जा रहा है।

राधा-कृष्ण का प्रेम मंदिर Radha-krishna prem mandir

प्रेम मंदिर उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के वृंदावन में स्थित है। प्रेम मंदिर का निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा करवाया गया है। प्रेम मंदिर भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम का प्रतीक है, इस मन्दिर के निर्माण में 11 वर्ष का समय लगा था, इस मन्दिर का शिलान्यास 14जनवरी 2001 को कृपालुजी महाराज ने किया गया था। 11 सालों बाद लगभग 1000 मज़दूरों ने अपनी बेजोड़ मेहनत और कला पेश करते हुए साल 2012 में पूरा कर दिया था। 17 फ़रवरी 2012 प्रेम मन्दिर का लोकार्पण कर, और आम जनता के दर्शन के लिए खुल दिया गया । इस मंदिर की मुख्य रचना सफेद इटालियन संगमरमर के पत्थर से बनी हुई है, जिसकी खूबसूरती दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर Read More

गोपी नाथ मंदिर मथुरा Gopi Nath Temple Mathura

गोपीनाथ जी मन्दिर मथुरा का प्रसिद्ध मन्दिरों में से एक है। यहमंदिर मथुरा ज़िले के वृन्दावन नगर में स्थित है। गोपीनाथ मंदिर का निर्माण कछवाहा शासको के वंसज रायसिल ने करवाया था। बाद में सन 1821में नन्दकुमार घोष नामक एक बंगाली कायस्थ ने मन्दिर का पुननिर्माण करवाया । मथुरा के वृन्दावन स्थित गोपी नाथ मंदिर प्राचीन शिव मन्दिर है, धार्मिक मान्त्या के अनुशार भगवान् शिव गोपी का रूप धारण कर वृन्दावन आये थे उनकी स्मृति में यह शिव मन्दिर बना है। भगवान शंकर ने गोपी का रूप धारण कर अपने आराध्य कृष्ण की लीला देखने आये थे । भगवान शंकर का वृंदावन में विचित्र रूप में दर्शन होता है। श्रीकृष्ण के रास को देखने के लिए भगवान शंकर को गोपी बनना पड़ा। वृंदावन नित्य है, रास नित्य है, आज भी रास होता है,

mathura tourist places in hindi/मथुरा के प्रमुख पर्यटक स्थल की जानकरी

mathura tourist places in hindi/मथुरा के प्रमुख पर्यटक स्थल की जानकरी
mathura tourist places in hindi/मथुरा के प्रमुख पर्यटक स्थल की जानकरी

धार्मिक नगरी मथुरा (mathura tourist places in hindi) विश्व भर में लोकप्रिय है मथुरा में देशभर से पर्यटक आते हैं। होली जैसे उत्सवों में तो विदेशी सैलानी भी बड़ी संख्या में मथुरा (mathura tourist places) पहुंचते हैं। मथुरा में ऐसे बहुत से टूरिस्ट प्लेस हैं जिन्हें जरूर देखना चाहिए। स्थानीय जगहों को आप दिन में किसी भी वक्त घूम सकते हैं। मथुरा में अगर आप घुमाना चाहते हैं तो आपको तीन चार दिन रुकना होगा। मथुरा में घुमने की बहुत सारी जगह है, आप यहाँ घूमना न भूलें, श्रीकृष्ण बलराम मंदिर, मथुरा संग्रहालय, श्री राधा वल्लभ मंदिर, राधारमन मंदिर, मदन मोहन मंदिर, गोविंद देवजी मंदिर, शाहजी मंदिर, जयपुर मंदिर आदि है, मंथुरा में घुमने की जगह बहुत है,