April 8, 2020
ऊटी के पर्यटन स्थल । OOTY TOURIST PLACES TO VISIT HINDI

ऊटी के पर्यटन स्थल । Ooty tourist places to visit hindi

ऊटी के पर्यटन स्थल । ooty tourist places to visit hindi टी निलगिरी अर्थात नीले पहाड़ो में बसा है । ऊटी भारत आकर्षक स्थल है ऊटी को     पहाड़ो की रानी भी कहा जाता है। ऊटीजाने जाने का सही समय सर्दियों के अलावा यहाँ साल भर मौसम सुहाना रहता है। ऊटी तमिलनाडु राज्य का एक खुबसूरत शहर है । ऊटी को उधगमंडलम भी कहा जाता है। उधगमंडलम शहर का नया नाम तमिल है। ऊचाई पर बसा होने के कारण गर्मियो में भी ऊटी का तापमान 25 डिग्री से ज्यादा नही होता । ऊटी समुद्र तट से लगभग 7440 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। घने हरे पहाड़ , चाय के बागान और नीलगिरि के पेड़ यहाँ की विशेषता है। यहाँ हर साल देश विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक घुमने आते है । ऊटी के इन पहाड़ो की खूबसूरती को बचने के लिए आरक्षित वन घोषित किया गया है । रोमांच प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों पर्यटकों के लिए ऊटी बहुत ही खुबसूरत जगह है। भारत के दक्षिण में स्थित ऊटी में बहुत ही मनोहर द्रश्य देखने को हैं ।

ऊटी का इतिहास

ऊटी के पर्यटन स्थल । OOTY TOURIST PLACES TO VISIT HINDI

ऊटी का इतिहास 19 शताद्धी का माना जाता है। उस समय ऊटी निलगिरी चेर साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था। इस क्षेत्र में 19 वीं शताद्धी में ईस्ट इंडिया कंपनी का सासन था। चेर साम्राज्य बाद गंगा साम्राज्य के अधिनस्त हो गये थे। फिर इन्होने राजा विष्णुवर्धन की शरण में आ गये। जो 12 शताद्धी में होयसल साम्राज्य के राजा हुआ करते थे। बाद में सुल्तान के राज्य मैसूर में निवास करने लगे। लेकिन टीपू सुल्तान ने चेर जनजाति को सन 18 वीं शताद्धी में इन्हें अंग्रेजो के अधीन कर उनके हवाले कर दिया। अंग्रेजो द्वारा चेर जनजाति यहाँ की स्थानीय जनजाति पर अपना हुक्म चलाया जाता था। ऊटी जो निलगिरी पर्वत पर स्थित है

ऊटी के पर्यटन स्थल । ooty tourist places to visit hindi

इसमें समय समय पर कई जनजातियो ने वास किया है। 19 शताद्धी में यहाँ तोड़ा जनजाति निवास करती थी। जो सदियों से इस स्थान पर अपना निवास बनाये हुए है। वैसे तो ऊटी क्षेत्र पर कई राजाओ और अधिपतियो का साम्राज्य रहा है। जॉन सुलीवान जो कोयम्बटूर जिला गवर्नर थे। जॉन सुलिवान को ऊटी की जलवायु बहुत रास आ गई थी।

और उसने ऊटी क्षेत्र में निवास करने वाली जनजातियो से जमीन खरीदने लगा। ऊटी क्षेत्र पर सातवाहन, गंगास, कदंब, राष्ट्रकूट, होयसला, विजयनगर साम्राज्य और उम्मतूर के राजाओं का साम्राज्य रहा है। ऊटी पर 18 शताद्धी में टीपू सुल्तान ने अपना साम्राज्य स्थापित किया। टीपू सुल्तान द्वारा एक गुफानुमा सरचना बनाकर ऊटी की सुरक्षा सीमा का निर्माण किया गया। लेकिन ऊटी की खोज और विकास अंग्रेजो द्वारा ही किया गया था। अंग्रेजो द्वारा ऊटी में विकासिल कार्यो को करवाया गया और इसे विकसित शहर स्थापित किया। ब्रिटिश राज के समय ऊटी को मद्रास की प्रेसिडेंसी की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया।

ऊटी के पर्यटक स्थल

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डोडाबेट्टा चोटी

ऊटी भारत के खूबसूरत पर्यटक स्थलों में एक है । दक्षिण भारत में बसा नीले पर्वतों में बसा ऊटी शहर किसी स्वर्ग से कम नहीं है । प्रक्रति प्रमियो की ये मनपसन्द जगह है । नव विवाहित जोड़ो के लिए ऊटी हैनिमून के लिए सब से खुबसूरत जगह है । यहाँ हरियाली के बिच निलगिरी के पर्वतों को देखना सुखद अहसास करता है । ऊटी अपनी खूबसूरती के दुनिया भर में लोकप्रिय है । यहाँ बहुत मनोहरम द्रश्य देखने को मिलते है । जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को अपनी और खींचते है । यहाँ दूर दूर तक नजर जाती है । वहा तक फेली हरियाली चाय के बागन पर्यटकों का मंत्रमुग्ध कर देते है । यहाँ काफी पर्यटक स्थल है जो देखने लायक है । ऊटी की कुबसुरती यात्रा को यादगार बना देती है।

ऊटी की नीलगिरि पहाड़ियाँ – Nilgiri Mountain

ऊटी की नीलगिरि पहाड़ियाँ बहुत ही खुबसूरत है । गर्मियों में यहां का तापमान दिन में 25 सेण्टीग्रेड ही रहता है । जिस वजह से यहाँ का मोसम सर्दियों को छोड़ कर हमेसा खुशनुमा रहता है । ऊटी घुमाने की नजर से गर्मियो का समय सबसे अच्छा रहता है । बारिश के बाद यहाँ का द्रश्य बहुत ही सुहाना हो जाता है । सर्दियों में यहाँ तापमान गिर जाता है और घना कोहरा छाया रहता है । रोमांच के शोकिन पर्यटको के लिए ये मोसम बहुत अच्छा रहता है ।

ऊटी की झील

यह एक बहुत ही खुबसूरत कृत्रिम झील है । रंग बिरंगे फूलो से घिरी ये झील सबका मन मोह लेती है। पर्यटक यहाँ पर बोटिंग का भी आनंद ले सकते है । पर्यटक यहाँ मोटर बोट , पडेल बोट का भी लुप्त उठा सकते है । इस झील का निर्माण सन 1825 में उस टाइम के कलेक्टर जॉन सुविलिअन ने करवाया था । ये झील तिन किलोमीटर तक फेली है यहाँ पर्यटकों को रुकने के लिए वोटिंग हॉउस बोट भी बने हुए है । इस झील को देखने के लिए देश विदेश स काफी पर्यटक आते है । ऊटी झील के पास बच्चो के पार्क भी बना हुआ है । आप यहाँ बहुत मनोहरम द्रश्य देख सकते है ।

कुन्नुर हील स्टेशन

ऊटी के पर्यटन स्थल । OOTY TOURIST PLACES TO VISIT HINDI
कुन्नुर हील स्टेशन

कुन्नर ऊटी से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है । ये एक बहुत ही खुबसूरत और मनमोहक हिल स्टेशन है । झरने की मधुर आवाज मन कोबहुत सकून देती है । चाय की बागियों में पंछियों की चहचाहट और ओस की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ पर्यटकों के मन को आकर्षित करते है । किन्नुर की इन हसीन वादियों में घूमना एक अलग ही अहसास होता है । केथरीन फ़ॉल यहाँ की कुब्सुरती को चार चाँद लगाता है । कुन्नर वन में हजारो किस्म के फूलो की खुसबू से आप की सांसे महक उठती है । यहाँ का मुख्य आकर्षण बोटेनिकल गार्डन है, जो बहुत ही मनमोहक है ।

कोटागिरी हिल-Kotagiri Hill

कोटागिरी हिल स्टेशन ऊटी से 30 किलोमीटर दूरी पर है । निलगिरी के हिल स्टेशन में कोटागिरी सबसे पुराना हिल स्टेशन है । ये प्रकर्ति की खुबसूरती का अतुल्य उदाहरण है । कोटागिरी हिल स्टेशन की सुन्दरता को निहारने के लिए दूर दूर से पर्यटक आते है । यहाँ के द्रश्य का आनद लेते है । कोटागिरी का मोसम कुछ ज्यादा ही सुहाना रहता है । यहाँ बहुत ही खुबसूरत चाय के बागन और सुंदर हिल्स रिजॉर्ट हैं । जो आप की कोटागिरी पर्वत आप की यात्रा को खुबसूरत बना देता है । बरसात के मोसम में यहाँ के द्रश्य देखते ही बनते है ।

डोडाबेट्टा चोटी

ये चोटी मुख्य शहर ऊटी से 8 किलोमीटर दुरी पर स्थित है । डोडाबेट्टा चोटी निलगिरी पर्वतों का सबसे ऊँचा पर्वत है । इस पर्वत से चारो तरफ का मनोरम द्रश्य दिखाई देता है । इस पर्वत की ऊंचाई लगभग 2640 मीटर है । इस पर्वत के ढलान में सरकारी बागन है । और इसकी चोटी पर मोसम विभाग की वेधशाला भी है । मोसम साफ हो तो इस चोटी से दूर दूर तक के नज़ारे दिखाई देते है । यहाँ तक की कायंबटूर का मेदनी इलाका भी दिखाई देता है। इस चोटी का नजारा बहुत ही मनोहरम दिखाई देता है ।

ऊटी कब जाये

ऊटी के पर्यटन स्थल । OOTY TOURIST PLACES TO VISIT HINDI
Ooty ki photu

ऊटी घुमाने की नजर से गर्मियो का समय सबसे अच्छा रहता है । बारिश के बाद यहाँ का द्रश्य बहुत ही सुहाना हो जाता है । सर्दियों में यहाँ तापमान गिर जाता है और घना कोहरा छाया रहता है ।ऊचाई पर बसा होने के कारण गर्मियो में भी ऊटी का तापमान 25 डिग्री से ज्यादा नही होता । ऊटी समुद्र तट से लगभग 7440 फीट की ऊंचाई पर स्थित है ।

ऊटी कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग
ऊटी से निकटतम हवाई अड्डा कोयंबटूर है। जो लगभग ऊटी से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह हवाई अड्डा चेन्नई, मुम्बई और बेंगलूरू से जुडा है। कोयंबटूर से टैक्सी या बस द्धारा ऊटी पहुचा जा सकता है।
रेल मार्ग
मेट्टूपलायम से कुन्नुर होते हुए ट्रेन से भी यहां पहुचा जा सकता है।
सडक मार्ग
ऊटी सडक मार्गो से भलिभांति जुडा है। इसीलिए बस टैक्सी या कार द्धारा भी यहा आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहां लोकल सिटी बस टैक्सी और आटो रिक्सा की भी अच्छी सेवा है।

पर्यटक स्थल की जानकारी