October 18, 2021

Vaishno Devi ki yatra – वैष्णो देवी की यात्रा पर पहली बार जा रहे हैं यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें पढ़ें

Vaishno Devi ki yatra - वैष्णो देवी की यात्रा पर पहली बार जा रहे हैं यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें पढ़ें

Vaishno Devi ki yatra वैष्णो देवी की यात्रा – जय माता दी दोस्तों आज हम माँ वेष्णु देवी के दरबार में आप सबका स्वागत करता है, दोस्तों आज हम इस पोस्ट में बात करेंगे जम्मू के कटरा में स्थित  माता वेष्णु देवी के पवित्र धाम की । अगर आप भी मां वेष्णू देवी के दरबार में आने का प्लान बना रहे है तो यह अर्टिकल आप के लिए यूजफुल है।

दोस्तो हम बात करगे  माता वैष्णो देवी के दरबार में  कैसे पहुंचना है कुल खर्चा कितना आएगा क्या हमारे पास साधन है और साथ ही साथ हम ये भी जानेंगे वैष्णो देवी मंदिर जाने के लिए कौन सा समय उचित है तो चलिए दोस्तों विडियो स्टार्ट करते हैं

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Vaishno Devi ki yatra वैष्णो देवी की यात्रा

दुनियाभर के श्रद्धालुओं के मन में माता वैष्णो देवी मंदिर को लेकर गहरी आस्था रहती है। माता के मंदिर की यात्रा को देश के सबसे पवित्र तीर्थ यात्रा में माना जाता है। नवरात्रि के दौरान वैष्णो देवी यात्रा का विशेष महत्व है। इस दौरान माता के दरबार में  श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा होती है।

How To Reach The Court Of Maa Vaishnu Devi कैसे पहुँचें माँ वेष्णु देवी के दरबार

How To Reach The Court Of Maa Vaishnu Devi कैसे पहुँचें माँ वेष्णु देवी के दरबार
How To Reach The Court Of Maa Vaishnu Devi कैसे पहुँचें माँ वेष्णु देवी के दरबार

 

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दोस्तों माँ वैष्णो देवी की यात्रा का पहला पड़ाव जम्मू होता है। जम्मू तक आप अपनी कार, बस, टैक्सी, ट्रेन या फिर हवाई जहाज से पहुँच सकते हैं। जम्मू ब्राड गेज लाइन द्वारा जुड़ा है। जम्मू भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग  1 ए पर स्थित है। इस लिये जम्मु भारत के कई प्रमुख शहरों और महानगरो से जुड़ा हुआ है,  आप अपनी पर्शनल कार, बस, टैक्सी  से भी जम्मू आसानी से पहुँच सकते  हैं

Vaishno Devi Yatra begins वैष्णों देवी यात्रा की शुरुआत
Vaishno Devi Yatra begins वैष्णों देवी यात्रा की शुरुआत

माँ के भवन तक की यात्रा की शुरुआत कटरा से होती है, जो कि जम्मू जिले का एक गाँव है। जम्मू से कटरा की दूरी लगभग 65 किमी है। आप जम्मू से बस या टैक्सी द्वारा कटरा पहुँच सकते हैं। जम्मू  से कटरा के लिए आपको कई बसें मिल जाएँगी, जिनसे आप 2 घंटे में आसानी से कटरा पहुँच सकते हैं। यदि आप प्रायवेट कार या  टैक्सी से कटरा तक की यात्रा कर सकते हैं, जो कि लगभग 1 घंटे में आपको कटरा तक पहुँचा देगी।

माँ वेष्णु देवी के दरबार में ठहरने का स्थान Vaishno Devi ki yatra mein thaharane ka sthaan

माँ वेष्णु देवी के दरबार में ठहरने का स्थान maan veshnu devee ke darabaar mein thaharane ka sthaan
maan veshnu devee ke darabaar mein thaharane ka sthaan

 

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दोस्तो यात्री कटरा पहुंच कर पहली रात को विश्राम करते है ताकि अगली सुबह जल्दी अपनी यात्रा की शुरुवात कर सके। माता के भवन में पहुँचने वाले यात्रियों के लिए जम्मू, कटरा, भवन के आसपास आदि स्थानों पर माँ वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की कई धर्मशालाएँ व होटले हैं, जिनमें विश्राम करके आप अपनी यात्रा की थकान को मिटा सकते हैं, जिनकी पूर्व बुकिंग कराके आप परेशानियों से बच सकते हैं। आप चाहें तो प्रायवेट होटलों में भी रुक सकते हैं।

Vaishno Devi ki yatra वैष्णों देवी धाम का बेस कैंप कटरा

दोस्तो कटरा को वैष्णो देवी का बेस कैंप भी कहा जाता है। माँ वैष्णो देवी यात्रा की शुरुआत कटरा से होती है। अधिकांश यात्री यहाँ विश्राम करके अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं।  कटरा से ही वैष्णो देवी की पैदल चढ़ाई शुरू होती है जो के दरबार तक करीब 13 किलोमीटर और भैरो मंदिर तक 14.5 किलोमीटर है।कटरा से ही माता के दर्शन के लिए नि:शुल्क ‘यात्रा पर्ची’ मिलती है।

Vaishno Devi ki yatra माँ वैष्णों देवी धाम की यात्रा

यह पर्ची लेने के बाद ही आप कटरा से माँ वैष्णो के दरबार तक की चढ़ाई की शुरुआत कर सकते हैं। यह पर्ची लेने के बाद आपको चढ़ाई के पहले ‘बाण गंगा’ चैक पॉइंट पर इंट्री करानी पड़ती है और वहाँ सामान की चैकिंग कराने के बाद ही आप चढ़ाई प्रारंभ कर सकते हैं। यदि आप यात्रा पर्ची लेने के तीन घंटे बाद तक चैक पोस्ट पर इंट्री नहीं कराते हैं तो आपकी यात्रा पर्ची रद्द हो जाती है। अत: यात्रा प्रारंभ करते वक्त ही यात्रा पर्ची लेना सुविधाजनक होता है।

Recognition of Vaishno Devi Dham – माँ वैष्णों देवी धाम की मान्यता

माता वैष्णो देवी के दरबार प्राचीन मान्यता के अनुसार एक बार श्रीधर नाम के माता के भक्त ने अपने गाँव में माता का भण्डारा रखा और सभी गाँव वालों व साधु-संतों को भंडारे में आने का निमंत्रण दिया। माता के गरीब भक्त के निमंत्रण पर पहली बार तो गाँववालों को विश्वास ही नहीं हुआ कि निर्धन श्रीधर इतना विसाल भण्डारा कर रहा है। लेकिन माता ने अपने भक्त श्रीधर की लाज रखने के लिए माँ वैष्णो देवी कन्या का रूप धारण करके भण्डारे में आई। श्रीधर ने भैरवनाथ को भी अपने शिष्यों के साथ आमंत्रित किया गया था। भंडारे में भैरवनाथ ने खीर-पूड़ी की जगह मांस-मदिरा का सेवन करने की बात की तब श्रीधर ने इस पर असहमति जताई।

भोजन को लेकर भैरवनाथ के हठ पर अड़ जाने के कारण कन्यारूपी माता वैष्णो देवी ने भैरवनाथ को समझाने की कोशिश की किंतु भैरवनाथ ने उसकी एक ना मानी। जब भैरवनाथ ने उस कन्या को पकड़ना चाहा, तब वह कन्या वहाँ से त्रिकूट पर्वत की ओर भागी और उस कन्यारूपी वैष्णो देवी ने एक गुफा में नौ माह तक तपस्या की।

इस गुफा के बाहर माता की रक्षा के लिए हनुमानजी ने पहरा दिया। आज इस पवित्र गुफा को ‘अर्धक्वाँरी’ के नाम से जाना जाता है। अर्धक्वाँरी के पास ही माता की चरण पादुका भी है। यह वह स्थान है, जहाँ माता ने भागते-भागते मुड़कर भैरवनाथ को देखा था। कहते हैं उस वक्त हनुमानजी माँ की रक्षा के लिए माँ वैष्णो देवी के साथ ही थे। हनुमानजी को प्यास लगने पर माता ने उनके आग्रह पर धनुष से पहाड़ पर एक बाण चलाकर जलधारा को निकाला और उस जल में अपने केश धोए। आज यह पवित्र जलधारा ‘बाणगंगा’ के नाम से जानी जाती है, जिसके पवित्र जल का पान करने या इससे स्नान करने से भक्तों की सारे कस्ट दूर हो जाते हैं।

जिस स्थान पर माँ वैष्णो देवी ने हठी भैरवनाथ का वध किया, वह स्थान आज पूरी दुनिया में ‘भवन’ के नाम से प्रसिद्ध है। भैरवनाथ का वध करने पर उसका शीश भवन से 8 किमी दूर जिस स्थान पर गिरा, आज उस स्थान को ‘भैरोनाथ के मंदिर’ के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि अपने वध के बाद भैरवनाथ को अपनी भूल का पश्चाताप हुआ और उसने माँ से क्षमादान की भीख माँगी। माता वैष्णो देवी ने भैरवनाथ को वरदान देते हुए कहा कि मेरे दर्शन तब तक पूरे नहीं माने जाएँगे, जब तक कोई भक्त मेरे बाद तुम्हारे दर्शन नहीं करेगा।

Accommodation and Rest in Vaishnu Devi Journey – वेष्णु देवी की यात्रा में ठहरने और आराम करने की जगह

पूरी यात्रा में स्थान-स्थान पर जलपान व भोजन की व्यवस्था है। इस कठिन चढ़ाई में आप थोड़ा विश्राम कर चाय, कॉफी पीकर फिर से उसी जोश से अपनी यात्रा प्रारंभ कर सकते हैं। कटरा, से मां के दरबार तक की चढ़ाई के रास्ते में अनेक स्थानों पर ‘क्लॉक रूम’ की सुविधा भी होती है, जिनमें निर्धारित शुल्क पर अपना सामान रखकर यात्री आसानी से चढ़ाई कर सकते हैं।कटरा समुद्रतल से 2500 फुट की ऊँचाई पर स्थित है।  यही वह अंतिम स्थान है जहा से आपको पैदल चलकर 5200 फिट की ऊंचाई पर बने मां के दरबार तक पहुंचना होता हैं। कटरा से 12 किमी की खड़ी चढ़ाई पार माता वैष्णो देवी के पवित्र धाम का दर्शन कर सकते  है। माता के भवन से 8 किमी दूर ‘भैरवनाथ का मंदिर’ है। भवन से भैरवनाथ मंदिर की चढ़ाई हेतु किराए पर पिट्ठू, पालकी व घोड़े की सुविधा भी उपलब्ध है।

Arrangements in Mata Vaishno Devi Dham Yatra – माता वैष्णों देवी धाम यात्रा में इंतजाम

दोस्तो अगर आप मा के मंदिर तक पैदल जाने की हालत में नहीं हैं तो  टट्टू या पालकी के जरिए यात्रा पूरी कर सकते हैं। यात्रा के लिए टट्टू या पालकी लेने से पहले इनके रेट सुनिश्चित कर लें। रेट पहले से तय होते हैं, इसलिए तय रकम से ज्यादा का भुगतान न करें। साथ ही इनके पास आईडी कार्ड भी होता, जिसे चेक करना न भूलें।

Stay and Rest in Vaishnu Devi Journey – वेष्णु देवी की यात्रा में ठहरने और आराम करने

कटरा में कई लग्जरी, मिड बजट और बजट होटल हैं। यहां कई धर्मशालाएं भी हैं, जहां बहुत कम खर्च में रुका जा सकता है। भीड़ के समय कटरा में वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त या बेहद कम कीमत में आवास उप्लब्ध कराता है। इनकी बुकिंग आप काउंटर से या फिर श्राइन बोर्ड की वेबसाइट से कर सकते हैं। भीड़ को देखते हुए अडवांस बुकिंग कराना ज्यादा अच्छा है।

Best time to visit Vaishnu Devi – वेष्णु देवी की यात्रा सबसे अच्छा समय

वैष्णो देवी यात्रा के लिए नवरात्रि सबसे अच्छा समय है हालांकि इस समय भीड़ ज्यादा होती है। इस मौसम में यहां न ज्यादा ठंड और न ही गर्मी पड़ती है। फिर भी हमारी सलाह है कि आप साथ में एक स्वेटर जरूर रखें क्योंकि रात में ऊपर ठंड बढ़ जाती है।

A fair is held in Mata Vaishno Devi Dham during Navratri-माता वैष्णों देवी धाम में नवरात्रि के समय लगता है मेला

नवरात्रि में लगता है मेला माँ वैष्णो देवी के दरबार में नवरात्रि के नौ दिनों में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कई बार तो श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से ऐसी स्थिति निर्मित हो जाती है कि पर्ची काउंटर से यात्रा पर्ची देना बंद करनी पड़ती है। इस वर्ष भी नवरात्रि में हर रोज लगभग 50,000 से अधिक श्रद्धालु माँ वैष्णो के दर्शन के लिए कटरा पहुँच रहे हैं।

Attractions around Mata Vaishno Devi Dham – माता वैष्णों देवी धाम के आस पास दर्शनीय स्थल

आसपास के दर्शनीय स्थल :-कटरा व जम्मू के नज़दीक कई दर्शनीय स्थल ‍व हिल स्टेशन हैं, जहाँ जाकर आप जम्मू की ठंडी हसीन वादियों का लुत्फ उठा सकते हैं। जम्मू में अमर महल, बहू फोर्ट, मंसर लेक, रघुनाथ टेंपल आदि देखने लायक स्थान हैं। जम्मू से लगभग 112 किमी की दूरी पर ‘पटनी टॉप’ एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। सर्दियों में यहाँ आप स्नो फॉल का भी मजा ले सकते हैं। कटरा के नजदीक शिव खोरी, झज्झर कोटली, सनासर, बाबा धनसार, मानतलाई, कुद, बटोट आदि कई दर्शनीय स्थल हैं।

दोस्तो आपको  इस  विडियो में दी गई मां वैष्णो देवी के धाम की जानकारी कैसी लगी हमे कमेंट कर जरूर बताए। और ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे यूट्यूब चैनल @tourword को सब्सक्राइब करे तो मिलते एक और जानकारी के साथ तब तक खुश रहिए धन्यवाद।

Happy New Year Shayari

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