May 16, 2021

लाल किले की जानकारी-Lal kile ki jankari hindi mai

लाल किले की जानकारी-LAL KILE KI JANKARI HINDI MAI

लाल किले की जानकारी-lal kile ki jankari hindi mai,भारत देश का ऐतिहासिक लाल किला है। दिल्ली लाल किला का निर्माण राजा अनंग से किया था। लाल किले का निर्माण सन 1060 मे हुआ था। प्राचीनकाल से ही ये किला भारत की इतिहासिक धरोहर माना जाता है। पर्यटक दृष्टि से भी ये किला बहुत उपयोगी है। साल में लाखो पर्यटक लाल किला घुमने आते है। लाल किला देश-विदेश के सभी पर्यटकों को अपनी और आकृषित करता है।  जहाँ से प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को जनता को संबोधित करते है। और तिरंगा फहराते है।

लाल किले का इतिहास:History of Red Fort

लाल किले की जानकारी-lal kile ki jankari hindi mai,लाल किला भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है। ये भारत का ऐतिहासिक किला माना जाता है। इस किले का निर्माण 1060 में राजा अनंग पाल द्वारा किया गया था। जो की तोमर शासन के राजा माने जाते थे। इतिहास के अनुसार दिल्ली के दक्षिणी इल्लाको के सूरज कुंड के निकट तोमर वंश शासनकाल चलता था। प्राचीन इतिहासकारों और लेखको के अनुसार लाल किले का वास्तविक नाम लालकोट था। लाल कोट का अर्थ है लाल रंग का किला जिसे पुरे विश्व में लाल किले के नाम से जाना जाता है।

ये किला दिल्ली का सबसे पहला नगर माना जाता है। तोमर वंश के शासन के बाद 12 वीं सदी में यहाँ पृथ्वीराज ने शासन किया था। जो की चौहान वंश के वंशस थे। पृथ्वीराज चौहान ने इस किला का नाम बदल कर किला राय पिथौरा नाम दिया था। सन 1192 में हुए तराएन का युद्ध में पृथ्वीराज चौहान मुहम्मद गोरी से युद्ध में हार चुके थे। तथा मुहम्मद गोरी ने इस किले पर शासन करने के लिए अपने एक प्रमुख दस को चुना था। जिसका नाम कुतुबुद्धीन ऐबल था। कुतुबुद्धीन ऐबल ने दिल्ली की सल्तनत में 1206 में दास वंश की स्थापना की।

कुतुबुद्धीन द्वारा वहा के रोड जाति के लोगो पर अत्याचार कर उनसे बादली हड़प ली थी। जो की रोड़ो का गढ़ माना जाता था। कुतुबुद्धीन ऐबल के जिसने सुल्तानों का शासनकाल यहाँ प्रारंभ किया था उसने क़ुतुब मीनार का निर्माण करवाया था जो सुल्तानों के शासनकाल की निशानी है। उसने हिन्दू मंदिरों और इमारतों को तुड़वाकर वहा मुस्लिम क्षेत्रो का निर्माण किया। लालकोट में स्थित ध्रुव स्तम्भ को क़ुतुब मीनार बना दिया, और कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद का निर्माण करवाया था । लाल किले की व्यवस्था और साज-सजा की देख – रेख मुग़ल शासको की शिरोबिंदु रही है।

लाल किले की जानकारी-lal kile ki jankari hindi mai

लाल किले की जानकारी-LAL KILE KI JANKARI HINDI MAI

जो की शाहजहाँ के समयकाल में अपनी चरम शिखर पर थी। इस किले पर औरंगजेब एवं अंतिम मुग़ल शासको ने भी इस पर अन्य कई निर्माण कार्य करवाए थे। सन 1857 में ब्रिटिश शासन में भी इस किले को प्राथमिकता दी गई थी। ब्रिटिश शासको द्वारा इसे मुख्य छावनी के लिए चुना गया था। लाल किले को मुग़ल बादशाह शाहजहाँ की नई राजधानी और महल था इसके महल को शाहजहांनाबाद भी कहते है। दिल्ली में मुस्लिम शासको की ये नगरी सातवीं थी। मुस्लिम शासको ने अपने साम्राज्य को बढ़ाने के लिए,अपनी राजधानी आगरा को हटाकर दिल्ली को बनाया।

और इनका मुख्य उदयस्य पर शासन कर उसे अपने अधिन करना था। दिल्ली को अपनी इच्छानुसार निर्माण कार्य कर परिवर्तित करना था। लाल किला का निर्माण यमुना नदी के किनारे किया गया है। जिस प्रकार यमुना नदी के तट पर ताजमहल और आगरे के किले बने हुए है। लाल किले की पूर्वोत्तरी दीवार एक प्राचीन किले से जुडी हुई है। इस प्राचीन किले को सलीमगढ़ के किले के नाम से जाना जाता है।

सन 1546 में इस किले का निर्माण शाह शूरी द्वारा करवाया गया था। यमुना नदी का पानी किले के चारो और से होकर एक खाई में गिरता है। इसके बाद लाल किले पर 11 मार्च 1783 को सिखों का आवागमन हुआ। उन्होंने लाल किले में घुसकर दीवान-ए-आम पर कब्ज़ा कर लिया। मुग़ल वजीरो ने इस नगर को अपने सिख साथियो को सौप दिया था। इस किला की कार्य कमान करोर सिंहिया मिस्ल के सरदार बघेल सिंह धारीवाल को दी गई थी।

लाल किले की दर्शनीय जगह:Places to visit in Red Fort

मुमताज महल- Mumtaz Mahal

मुमताज महल लाल किले के आँगन में बना हुआ है। इस महल को रचनात्म और सुन्दर ढग से बनाया गया है। मुमताज महल के अलावा अन्य पांच संरचनाओ का भी निर्माण किया गया है। जिसमे मुमताज महल को विशेष माना जाता है। मुमताज महल को सफ़ेद मार्बल से बनाया गया है। इन पत्थरो पर फूलो की कलाकृति भी की गई है।

ये मुग़ल काल की शिल्पकला का परिचय देता है। प्राचीन काल में ये महल स्त्रियों के रहने का स्थान हुआ करता था। इसके अन्दर मुगलकाल की कई कलाकृतिया और वस्तुए पाई जाती है। अब इसे भारत का प्राचीन चीजों और पुरातत्व का संग्रहालय बना दिया गया है। इसके अंदर कई प्राचीन तस्वीरे,कालीन,पेंटिग,तलवारे,पर्दे और ऐतिहासिक वस्तुए पाई जाती है।

लाल किले का रंग महल-Red Fort Rang Mahal

रंग महल का निर्माण सम्राट ने पत्नियाँ के लिए बनवाया था। इस महल में उस साम्राज्य के राजा की रानियाँ निवास करती थी। इस महल को बहुत ही रंग विरंगो से सजाया गया है। इसी कारण इसका दूसरा नाम पैलेस ऑफ़ कलर्स भी रखा गया था। इस महल को रंगीन कांचो से सजाया गया है। जिससे सूरज की किरणे जब इन पर पड़ती है, तो महल में रंगीन रोशनी फैलती है। जिससे महल बहुत ही सुन्दर नज़र आता है। गर्मियों के समय भी में भी ये महल शीतल रहता है। क्योकि इस महल की भूमि के भीतर एक जल धारा प्रवाहित होती है।, जो इसे सदैव ठंडा रखती है।

खस महल-Khas mahal

खस महल को मुग़ल साम्राज्य का प्रमुख महल माना जाता था। क्योकि ये मुगल राजाओ का निजी आवास क्षेत्र था। इस महल के भीतर मुख्य तीन कमरे बने हुए हैं। जिसमे से एक कमरा राजाओ के बैठने का हुआ करता था।और दूसरा उनके आराम करने के लिए था। जिसे उनका संयन कक्ष भी कहते है। और तीसरे कमरा आम सभा के लिए था। इस महल को बहुत ही सुन्दर सजाया गया था। इस महल की दीवारे मार्बल के पत्थरों से बनी हुई है। जिन पर फूलो की बहुत ही सुंदर आकृतियों बनाई गई है।

मोती मस्जिद-Moti Masjid

मोती मस्जिद का निर्माण औरंगज़ेब द्वारा करवाया गया था। औरंगजेब ने मोती मस्जिद का निर्माण अपने खुद के उद्धेश्यो पूरा करने के लिए करवाया था। इस मस्जिद का मतलब है- पर्ल मस्जिद। इस मस्जिद का आकर बहुत ही सुन्दर बनाया गया है। इस मस्जिद का आकार एक गुंबद सामान बनाया गया है। इस मस्जिद की दीवारे और आँगन को संगमरमर से निर्मित किया गया है।

दीवान-ए-आम-Diwan-e-aam

दीवान-ए-आम का 1631 से 1640 के समयकाल में निर्माण हुआ था। इसका निर्माण मुग़ल शासक बादशाह शाहजहां ने करवाया था। इसके बाहर की और एक विशाल खुला मैदान है। जिसे दीवाने-ए-आम का मुख्य प्रांगण कहा जाता है। यह आम जनता के लिए बनाया गया क्षेत्र है। जहाँ बैठकर राजा प्रजा की समस्यों का हल करते थे। इसके बीचो बीच एक विशाल सुन्दर सिंहासन बनाया गया है। जो छज्जा दीवान के मध्य में स्थित है। ये बादशाहों का शाही अपार्टमेन्ट

लाल किले का हमाम-Hamam of Red Fort

हमाम की इमारत का निर्माण एक स्नानघर के लिए करवाया गया था। जिसे मुग़ल राजाओ और स्नान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इस जगह को एक ड्रेसिंग रूप के सामान तैयार किया गया था। इन स्नानघरो को मार्बल की दीवारों से बनाया गया था। इन्हें बहुत ही सुन्दर ढंग से तैयार किया गया है। इसमें गर्म पानी के नल लगाए गये थे।

हीरा महल-Heera Mahal

हीरा महल लाल किले के दक्षिण हिस्से में स्थित है। इसका निर्माण मुग़ल शासक बहादुर शाह द्वितीय ने करवाया था। इतिहासकारो के अनुसार ऐसा माना जाता है की बहादुर शाह ने इस महल के भीतर एक अत्यधिक कीमती हीरा छुपाया था। जिसकी कीमत कोहीनूरहीरे से भी अधिक मानी जाती है। 1857 के युद्ध के समय उत्तर में स्थित मोती महल को नष्ट कर दिया गया था।

लाल किला जाने का सबसे अच्छा समय

भारत की राजधानी दिल्ली का सबसे प्रसिद्द किला है। प्रतिवर्ष देश-विदेश से पर्यटक यहाँ घुमने आते है। लाल किला घुमने के लिए सर्दियों का समय सबसे उचित है। अक्टूम्बर से मार्च के महीने में वहा जाना काफी सुखद है। क्योकि मार्च के बाद गर्मियों का मौसम शुरू हो जाता है।

उस समय दिल्ली का तापमान 40′ या इसे भी अधिक और कम होता रहता है। इसलिए मार्च के महीने के बाद वहा जाने से आपको काफी मुश्किले होगी। और फिर अगस्त के प्रारम्भ में यहाँ मॉनसून शुरू हो जाता है। इसलिए सर्दियों के मौसम में ही लाल किला घुमने का मजा अच्छे से लिया जा सकता है।

लाल किला प्रवेश शुल्क-Red Fort Entrance Fee

भारत के सभी पर्यटकों में घुमने हेतु सरकार द्वारा पर्यटकों से शुल्क लिया जाता है। तथा उसी प्रकार लाल किला घुमने के लिए भी शुल्क निर्धारित किया गया है। लाल किला घुमने के लिए स्वदेशी और विदेशी पर्यटकों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धिरित किये गये है। भारतीय पर्यटकों के लिए एक टिकट का शुल्क 35 रुपये रखा गया है।

और विदेशी पर्यटकों के लिए 500 रुपये शुल्क लिया जाता है। लाल किले में अन्य लाइट एंड सांउड शो के यंग और बुजुर्गो को 60 रूपये और बच्चो के लिए 20 रूपये देंने पड़ते है। ये शुल्क छुट्टियों के समय बढ़ा दिया जाता है। इस समय बड़े-बुजुर्गो के लिए 80 रूपये शुल्क और बच्चो के लिए 30 रूपये कर दिए जाते है।

लाल किला कैसे पहुंचे-How to reach Red Fort

ये भारत का ऐतिहासिक किला है। ये किला भारत की राजधानी दिल्ली के बीचो-बीच बना हुआ है। दिल्ली भारत देश का प्रमुख विकसित शहर और केंद्र है। इसलिए पर्यटकों को यहाँ हवाई मार्ग की सुविधा भी सरलता से मिल जाती है। लाल किला घुमने के हम हवाई जहाज के द्वारा भी जा सकते है। दिल्ली में अन्तराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना हुआ है। इसलिए देश-विदेश के सभी पर्यटकों के लिए हवाई जहाज की सुविधा उपलब्ध है। एअरपोर्ट से लाल किला जाने के लिए कैब और टेक्सी की सर्विस भी पाई जाती है।

जिससे लोग आसानी से लाल किला पहुच जाते है। और वहा के प्राचीन काल के सुन्दर और शानदार महलो एवं किलो का परिक्षण कर सकते है। अपने भारतीय इतिहास को जानने का अवसर प्राप्त करते है। लाल किले की अन्य जानकारी भी आपको बता देते है, कि ये दिल्ली के चाँदनी चौक के मेट्रो स्टेशन के पास ही स्थित है। ये किला मेट्रो स्टेशन से केवल 10 मिनट की दुरी पर है।\पैदल चलकर भी आसानी से किले तक जाया जा सकता है। लेकिन इस बीच हमे दिल्ली के भीड़-भाड वाले बाज़ार से गुजरना पड़ता है।

मेट्रो से लाल किला कैसे जा सकते हैं

दिल्ली का मेट्रो स्टेशन लाल किले के सबसे पास में स्थित है। मेट्रो में सफ़र करने से पर्यटक को कोई परेशानी भी नही होती है। और आराम से किले तक पहुच जाते है। मेट्रो के गेट नंबर 5 से उतर कर चौदनी चौक के बाज़ार का लुप्त उठा सकते है। आवश्यक वस्तुए भी खरीद सकते है, जो हमे कम कीमतों पर मिल जाती है। ये रास्ता किले से 500 मीटर दूर है।

सिटी पैलेस जयपुर का इतिहास

लाल किले की जानकारी-lal kile ki jankari hindi mai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *