November 29, 2020
हरिद्वार में घूमने की जगह/Haridwar Tourist Places In Hindi/हरिद्वार के दर्शनीय स्थल

हरिद्वार में घूमने की जगह/Haridwar Tourist Places In Hindi/हरिद्वार के दर्शनीय स्थल

Haridwar Tourist Places In Hindi हरिद्वार के दर्शनीय स्थल  हिन्दुस्थान का सबसे बड़ा आस्था का केंद्र है , हरिद्वार में घूमने की जगह और हरिद्वार का दर्शन करना एक दिव्य अनुभव है यह चार धाम का प्रवेश द्वार है , हरिद्वार । यानि मोक्ष का द्वार. हरिद्वार का पुराना नाम मायापुरी था , यह भगवान विष्णु और भगवान शिव की नगर है . पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव के इसी स्थान पर अपनी जटा खोलकर गंगा को नदी को मुक्त किया था। हरिद्वार में कुम्भ का भी आयोजन होता है. हरिद्वार के दर्शनीय स्थल  प्राचीन मन्दिर गंगा घाट (haridwar ganga aarti)और भव्य प्राचीन आश्रमों का गढ़ है,

देवभूमि के नाम से विश्व भर में प्रसिद्ध हरिद्वार, यह शहर अपने आप में एक धर्म ग्रन्थ है , हरिद्वार के दर्शनीय स्थल माँ गंगा जी का सबसे बड़ा आकर्षण है हरिद्वार में घूमने की जगह  हरी की पौडी जैसे पवित्र घाट इसी धरा पर है, दूसरी और माँ मनसा देवी,माँ चंडी देवी जैसी देविया का भी इसी धरा पर दिव्य मंदिर है जहा भक्तो की मन्नते पूरी होती है दक्ष महादेव मन्दिर जैसे पवित्र मन्दिर हरिद्वार दर्शन में मुख्य भूमिका निभाते है |

Haridwar Tourist Places In Hindi हरिद्वार के दर्शनीय स्थल

हरिद्वार घुमने के लिए बहुत ही सुंदर जगह है! तथा यहाँ माँ मनसा देवी का मंदिर बहुत ही प्रसिद्द है! हरिद्वार दर्शन हेतु जाए तो माँ मनसा के मंदिर के दर्शन बहुत ही शुभ माने जाते है! यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में हम क्रम से आपको बताने की कोशिश करेंगे

Har Ki Pauri Ghat, Haridwar,हर की पौड़ी घाट, हरिद्वार

Har Ki Pauri Ghat, Haridwar,हर की पौड़ी घाट, हरिद्वार
Har Ki Pauri Ghat, Haridwar,हर की पौड़ी घाट, हरिद्वार

हरी की पौड़ी ये हरिद्वार का मुख्य पवित्र स्थलों माना जाता है। धार्मिक कथाओ के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि इस पवित्र स्थल पर भगवान शिव और भगवान विष्णु प्रकट हुए थे! इसलिए इस स्थान को धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है। हर की पौड़ी को ब्रह्म कुंड के नाम से जाना जाता है! राजा विक्रमादित्य द्वारा अपने भाई, ब्रिथरी की याद में इसका निर्माण करवाया था। यहाँ बारह वर्षों होने वाला कुंभ मेला इस स्थान पर आयोजित किया जाता है। हर की पौड़ी गंगा मया की आरती की जाती है, जो विश्व भर में प्रसिद्ध है। हर की पौड़ी ये वही जगह है, जहां दिव्य अमृत आकाशीय कुंभ से गिरा था। हरिद्वार के इस घाट पर दो प्रसिद्ध मंदिर बने हुए है- गंगा मंदिर और हरिचरण मंदिर, जो की यहाँ के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। यहाँ होने वाली हर शाम को माँ गंगा की आरती में शामिल होना बहुत ही शुभ माना जाता है!

माँ गंगा की आरती के दर्शन करने से मन को बहुत ही सुखद महसूस होता है! भीमगोड़ा स्थल भी यहाँ से काफी नजदीक है, ये भी देखने लायक स्थान है, कहा जाता है कि पाण्डव अपनी पत्नी द्रौपदी को प्यास लगी थी और यहाँ आसपास कोई पानी का स्त्रोत नजर नही आया, इसलिए भीम जी ने अपने घुटनों को टेका जिसे इस स्थान पर एक गड्ढा हो गया और उसमे से पानी निकलने लगा! तथा तभी से ये स्थान काफी प्रसिद्द है! हरिद्वार का विष्णु घाट भी काफी आकर्षण का केंद्र है! इसकी यह मान्यता है कि इस घाट पर स्वयं भगवान विष्णु जी ने स्नान किया था! इसलिए इसे धार्मिक तौर से पवित्र माना जाता है! यह स्थान हरी की पौडी घाट से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है! इस जगह से गंगा के किनारे ठहलते हुए हम हरी की पौड़ी पहुच सकते है!

माँ मनसा देवी मन्दिर हरिद्वार/Haridwar Tourist Places In Hindi

हरिद्वार दर्शन का सबसे प्रसिद्द धार्मिक स्थल माँ मनसा देवी का मंदिर माना जाता है, ये माँ मनसा की अनुकम्पा का जीता जागता उदहारण है! इस मन्दिर स्थापना बिलवा पर्वत पर है! इस मंदिर के दर्शन करने के लिए दो साधन उपलब्ध है एक तो पैदल मार्ग और दूसरा उड़न खटोला के द्वारा जा सकते है! आप की जैसी श्रद्धा वैसे आप जा सकते है! यहाँ आपको बन्दरों से थोडा सा सतर्क रहना चाहिए |

पौराणिक कथाओ के अनुसार कहा जाता है कि मनसा देवी पार्वती का ही रूप है! जिसका शाब्दिक अर्थ इच्छा होता है! माँ मनसा अपने नाम के अनुरूप ही अपने भक्तो की इच्छा को पूरा करती है! माँ मनसा देवी को कश्यप ऋषि की पुत्री और नाग वासुकी की बहन बताया गया है! माँ मनसा देवी मन्दिर प्रांगण में माँ वैष्णवी देवी मन्दिर , चामुंडा देवी मन्दिर , श्री पशुपतिनाथ आदि मन्दिर बने हुए है! अपनी धार्मिक आस्था से श्रद्धालु अपनी इच्छा का एक धागा यहा स्थित एक पवित्र पेड़ में बांध देते है! माँ मनसा जब इनकी इच्छा पूरी करती है,तो ये धागा वापस खोलने भी आते है |

चंडी देवी मन्दिर हरीद्वारHaridwar Tourist Places In Hindi

चंडी देवी माता मन्दिर नील पर्वत पर स्थित है! इस मंदिर के दर्शन के लिए जाने हेतू आपको मनसा देवी की ही तरह दो साधन उपलब्ध होते है! पहला रास्ता पैदल मार्ग और दूसरा उड़न खटोला जिसे रोपवे भी कहा जाता है! माँ चंडी देवी मन्दिर परिसर में अन्नपूर्णा देवी मन्दिर , जय माँ भद्र काली मन्दिर , काल भैरव मन्दिर , संकट मोचन हनुमान मन्दिर एवं अन्य छोटे-छोटे मन्दिरो की स्थापना भी की गई है!

माँ चंडी देवी मंदिर की चढ़ाई पर माँ अंजना देवी मन्दिर के भी दर्शन करना न भूले, जो बीच मार्ग में ही बना हुआ है! इसके दर्शन भी बहुत शुभ होते है! इस भव्य मंदिर के परिसर में नागेश्वर शिव मन्दिर , संतोषी माता मन्दिर , हनुमान जी मन्दिर स्थित है! यहाँ से आपको नील पर्वत का बेहतरीन नज़ारा दिखाई पड़ता है, जो की हरिद्वार दर्शन करने आये पर्यटकों को बड़ा लुभाता है! माँ अंजना हनुमान जी की माता थी!

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माँ मनसा देवी माँ चंडी देवी के लिए उड़न खटोला

माँ मनसा देवी माँ चंडी देवी के लिए उड़न खटोला माँ मनसा देवी माँ चंडी देवी के लिए उड़न खटोला 
माँ मनसा देवी माँ चंडी देवी के लिए उड़न खटोला

हरिद्वार दर्शन करने अगर आप जाते हो, तो माँ मनसा देवी और माँ चंडी देवी मंदिरों के दर्शन करने जरूर जाये! इन दोनों पवित्र मंदिरों के दर्शन हेतु रोपवे की व्यवस्था भी है! यदि आपके साथ छोटे बच्चे है तो उड़न खटोले पर बच्चो को पकड़ कर बैठे , उड़न खटोले से हरिद्वार शहर और माँ गंगा देखना बहुत ही रोमांचकारी अनुभव कराता है!माँ मनसा देवी और चंडी देवी का एक संयुक्त टिकट 314 रुपये के शुल्क का है, जिसमे आप दोनों देवियों के दर्शन रोपवे से कर सकते है! यदि आपको केवल चंडी देवी की रोपवे का टिकट चाहते है, तो सिर्फ 193 रुपये शुल्क आपको देना होता है! माँ मनसा देवी की अपेक्षा माँ चंडी देवी के मंदिर की चढ़ाई अधिक है, तो आप चंडी देवी मंदिर के लिए रोपवे का टिकट अवश्य ले!

माया देवी मन्दिर/Haridwar Tourist Places In Hindi

माया देवी मन्दिर हरिद्वार का बहुत पुराना मन्दिर है! इसे शक्तिपीठ भी कहा जाता है! जब कभी आप हरिद्वार दर्शन को जाये माया देवी के दर्शन अवश्य करे! हरिद्वार रेलवे स्टेशन से यह स्थल लगभग 2-3 किलोमीटर ही होगा! कहा जाता है कि माँ सती के इस मन्दिर में भक्तो की सारी मनोकामनाए पूर्ण होती है! इस मन्दिर प्रांगण में बहुत से शिवलिंग बने हुये है, और एक कान्हा जी का सुन्दर झुला भी बना हुआ है! तथा इसके अलावा एक विशाल त्रिशूल भी है! यहाँ के स्थानीय लोगो के अनुसार चंडी देवी , मनसा देवी और माया देवी को मिलाकर एक त्रिभुज का निर्माण होता है!

सप्तऋषि आश्रम/Haridwar Tourist Places In Hindi

हरिद्वार का यह पवित्र स्थल विश्व प्रसिद है, जो भारत में हुए सात ऋषियों के लिए जाना जाता है! ऐसा माना जाता है की यह स्थान एक शान्त और धार्मिक स्थल है! लोगो की धारणा के अनुसार कहा जाता है कि प्राचीन काल में सात ऋषिवर ( भारद्वाज , विश्वामित्र , अत्री , वशिष्ठ , कश्यप , गौतम , जमदग्नि ) इसी जगह पर पूजा पाठ करते थे! इसलिए इस स्थान का नाम सप्त ऋषि आश्रम रखा गया है! इसके बारे में एक पौराणिक कथा है कि गंगा मया ने सातों ऋषियों को पूजा करने में कोई परेशानी न हो इसीलिए अपने आप को सात धाराओ में विभाजित कर लिया था! इस आश्रम परिसर में कई मन्दिर बने है, जिनके आप दर्शन कर सकते है! हरिद्वार दर्शन का यह स्थल भी पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है!

भारत माता मन्दिर

यहाँ का भारत माता का मदिर बहुत ही भव्य मंदिर है! भारत के भव्य मंदिरों में भारत माता का मन्दिर एक अनूठा स्थान रखता है! जब कभी भी आप हरिद्वार दर्शन को जाये तो इस मन्दिर के दर्शन जरुर करे! भारत माता का ये मन्दिर हमारी भारत भूमि की शान है! ये मंदिर हमारे देश भारत से बहुत ही अच्छी तरफ से रूबरू कराता है, यह 6 खंडो में बना हुआ है! इसके प्रत्येक खंड पर अलग – अलग महापुरुषों , भगवान के दर्शन करने को मिलते है! यह मंदिर भारत के धर्म , देश , संस्कृति आदि का मिश्रण है! यहाँ लिफ्ट की वाव्य्स्था भी उपलब्ध कराई जाती है, इसके लिए टिकट लेना पड़ता है! इसके लिए मात्र 2 रुपये का शुल्क देना होता है, और आप लिफ्ट से सबसे उपरी खण्ड पर पहुँच जाओगे, इससे आप सभी खंडो को अच्छी तरह से देख सकते हो!

माता वैष्णो देवी मंदिर हरिद्वार/Mata Vaishno Devi Temple Haridwar

माता वैष्णो देवी मंदिर हरिद्वार/Mata Vaishno Devi Temple Haridwar
माता वैष्णो देवी मंदिर हरिद्वार/Mata Vaishno Devi Temple Haridwar

वैष्णो माता का मंदिर भारत माता के मन्दिर से कुछ ही दूरी पर बना हुआ! इस मन्दिर को जम्मू के कटरा में माँ वैष्णो देवी के मंदिर की तरह रूप दिया है! इसकी गुफाये आर्टिफीसियल लेकिन जब आप मन्दिर के दर्शन करोगे आपको बहुत ही सुंदर नजारा लगेगा! क्योकि यहाँ 12 ज्योतिर्लिंग और हाथी मत्था की चढ़ाई देखने को मिलेगी, इसके अलावा यहाँ आप माता को चढाने के लिए हलवा प्रसाद का भोग भी खरीद सकते हो, जो आपको मात्र 10 रुपये में एक दोंना मिल जायेगा! इन गुफ़ाओ के भ्रमण में आप अमरनाथ गुफ़ा के भी दर्शन कर पाओगे!

भूमा निकेतन/Haridwar Tourist Places In Hindi

माता वैष्णो देवी गुफा मन्दिर के पास ही भूमा निकेतन बना हुआ! ये बहुत ही सुंदर और साफ़-सुथरा भव्य स्थान है, जिसे लोग भूमा निकेतन कहते है! हरिद्वार दर्शन में यह स्थल भी खास है! यहाँ वैसे मोबाइल ले जाना मुश्किल लेकिन फिर भी आप चाहते है तो आपको गोसेवा के लिए 31 रुपये का दान देना होगा! यहाँ के पवित्र स्थल पर हमें 108 शालिग्राम देखने को मिलते है!

तुलसी मानस मन्दिर ( श्रीराम मन्दिर )

भूमा निकेतन थोड़ा आगे चलते ही आपको एक भव्य मन्दिर दिखाई देगा, जो की भगवान श्री राम का है! इस भव्य मन्दिर की सुन्दरता मन को लुभाती है! इस मंदिर की शानदार नक्खाशी की गई है! इस्मंदिर के झूमर इस मंदिर की भव्यता को और अधिक बढा देते है! इस मन्दिर की दीवारों पर रामायण की चौपाईयां लिखी हुई है! हरिद्वार दर्शन में राम मन्दिर का एक विशेष महत्त्व है!

शिवानन्द धाम

हरिद्वार दर्शन का अगला धार्मिक स्थल शिवानन्द धाम है! यह धाम झाँकियो के लिए प्रसिद्द है! अन्य गुफाये वाले मंदिरों की अपेक्षा शिवानन्द धाम की गुफ़ा में अंधेरा अधिक रहता है! इस गुफा में जाने के लिए टिकट लेनी पड़ती है , जो मात्र 5 रुपये का है! शिवानन्द धाम की गुफाओ में आपको बाण गंगा , बाबा बर्फानी अमरनाथ , माता अर्धकुमारी योनी गुफ़ा में भोलेनाथ आदि पावन स्थलो के दर्शन करने को मिलेगे!|

इण्डिया टेम्पल

इण्डिया टेम्पल भगवान श्री साकेत बिहारी ट्रस्ट द्वारा संचालित किया गया है! यह इण्डिया टेम्पल भी झाकियों के लिए जाना जाता है! हरिद्वार दर्शन में यहाँ की झाकियां बहुत ही मन मोह लेंगी वाली है! इस इण्डिया टेम्पल में भंडारा , गो सेवा , बिजली एवं सफाई , अन्न क्षेत्र के नाम पर ३ रुपये का टिकट लिया जाता है! शिवानन्द धाम के ठीक पास में ही यह टेम्पल बना हुआ है!

पावन धाम

हरिद्वार दर्शन में पावन धाम का भी ख़ास महत्व है! यह स्थान एक अद्भुत , अविस्मरणीय स्थल माना जाता है! पावन धाम को कांच मन्दिर और शीश महल नाम से भी जाना जाता है! यह पूर्ण रूप से कांच का बना एक साफ़ सुथरा मंदिर है! यहाँ हम योध्दा अर्जुन का रथ को भी देख सकते है! ये बहुत ही सुन्दर और शानदार लगता है! पावन धाम चारो तरफ कांच से बने होने के कारण हमे हर तरफ हमारे ही प्रतिबिम्ब दिखाई देंगे!

दक्ष महादेव मन्दिर/Haridwar Tourist Places In Hindi

दक्ष महादेव का मंदिर हरिद्वार के कनखल में स्थित है! यह बहुत ही पुराना मन्दिर है, जो की पूर्ण रूप से शिव जी को समर्पित है! इस मंदिर में श्रदालुओ की भीड़ साल भर बनी रहती है! इस मन्दिर परिसर में रेस्टोरेन्ट , प्रसाद की दुकाने , खिलोनो की दुकाने , बच्चो के झूले आदि उपलब्ध है! इस मन्दिर दक्ष प्रजापति मन्दिर और दक्षेश्वर महादेव मन्दिर नाम से भी जाना जाता है!

हरिहर आश्रम ( पारद शिवलिंग और रुद्राक्ष का पेड़ )

हरिहर आश्रम एक पवित्र और शांत स्थान है! धार्मिक रूप से भी इसका विशेष महत्व है , क्योकि यहाँ श्री पारदेश्वर के दर्शन कर सकते है! इस आश्रम के परिसर में एक दिव्य रुद्राक्ष का पेड़ स्थित है, जिसके चारो और 12 ज्योतिर्लिंग बने हुए है! तथा इसके आलावा इस परिसर में श्री महा मृत्युन्जय मन्दिर भी निर्मित किया गया है, जो बहुत ही शानदार बनाया हुआ है! मन्दिर में एक नंदी जी की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है! इस प्रद शिवलिंग का वजन लगभग 150 किलो है!

पायलट बाबा आश्रम

पायलट बाबा का आश्रम हरिहर आश्रम के पास ही थोड़ी ही दूरी पर स्थित है! यह बहुत ही भव्य आश्रम है! इस आश्रम वातावरण बिलकुल शांत रहता है! यह आश्रम शहर के शोर शराबे से दूर एकांत स्थान है, जहाँ मन को बहुत ही सुखद अहसास होता है इसकी प्रतिमाये , झाकियां बहुत ही अद्भुत है! इस महायोगी पायलट बाबा आश्रम में भारत माता और महादेव की प्रतिमा लगी हुई है , जो पर्यटकों को बहुत पसंद आती है! आश्रम में आप जब भी आये तो आप अपनी कोई भी एक आई डी प्रूफ साथ में लाये! आश्रम गर्मियों में सुबह 7 से 12 बजे तक और दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक ही खुलता है, और सर्दियों में सुबह 8 बजे से 12 बजे तक और फिर दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक ही खुलता है!

हरिद्वार कब जाना चाहिए,When should we go to Haridwar,

हरिद्वार हिन्दुओ के धार्मिक स्थलों में सबसे प्रमुख है! इसलिए यहाँ साल भर भक्तो की भीड़ बनी रहती है! और हरिद्वार धार्मिक स्थल के अलावा पर्यटकों के लिए दर्शिनीय स्थान भी है! यहाँ फिर भी यहाँ बारिश और गर्मी की छुट्टियो में मई और जून में जाने से बचे, क्योकि इस टाइम यहाँ मई से अगस्त तक के बहुत संख्या में भीड़ रहती है! यहाँ इस भीड़ के कारण असुविधा हो जाती है, तथा इस समय यहाँ जाने से बचे! यहाँ जाने के लिए सितम्बर से नवम्बर तक और फरवरी से अप्रेल तक के माह में यहाँ जाना उचित रहता है!

हरिद्वार दर्शन में कहा ठहरे/Where did you stay in Haridwar Darshan

हरिद्वार दर्शन करने के लिए हर इन्सान बहुत उत्सक रहता है! परिवार के बड़े-बुजुर्गो को हरिद्वार मन रहता है! लेकिन यहाँ बहुत ही ज्यादा असुविधा के कारण काफी दिक्कत होती है! यहाँ ठहरने के लिए होटल,गेस्टहाउस की समस्या रहती है! वैसे तो यहाँ ठहरने के लिए कई धर्मशाला है, जो रेलवे स्टेशन के पास अनगिनत धर्मशालायें है! इनमे आपको 500 रुपये में एक कमरा मिल जाता है , तथा इसके अलावा शांतिकुंज ठहरने के लिए एक अच्छा विकल्प है! रेलवे स्टेशन के पास से गुजराती समाज धर्मशाला , मुल्तान भवन , के के रेणुका धर्मशाला है! तथा अन्य-जैसे भूपतवाला में भी कई धर्मशालाए है निष्काम सेवा ट्रस्ट, तायल धर्मशाला , अग्रवाल भवन आदि है!

हरिद्वार कैसे पहुचे,How to reach Haridwar

हरिद्वार भारत में स्थित उत्तराखण्ड राज्य का एक स्थान है! जो भारत की राजधानी नई दिल्ली से लगभग 214 किलोमीटर की दुरी पर है! यहाँ जाना बहुत आसान है! भारत के किसी भी प्रमुख शहर से तीर्थ नगरी हरिद्वार के लिए साधन आसानी से उपलब्ध हो जाते है!

हरिद्वार जाने के लिए वायुमार्ग की सेवा भी मिल जाती है! इसका सबसे नजदीकी एअरपोर्ट जॉली ग्रान्ट एअरपोर्ट है, जो देहरादून में स्थित है! यह एअरपोर्ट हरिद्वार से लगभग 40 किलोमीटर दूर है! इस एअरपोर्ट से कई साधन जैसे टैक्सी या बस आपको मिल जायेंगे , जॉली ग्रांट एअरपोर्ट का IATA कोड DED है!

अगर आप हरिद्वार रेलमार्ग से जाना चाहते हो, तो हरिद्वार शहर में रेलवे स्टेशन भी बने हुए है! यहाँ देश के सभी प्रमुख जिलो से ट्रेन चलती है! हरिद्वार आप ट्रेन से पहुच सकते है!

इसके आलावा यदि आप हरिद्वार दर्शन सड़क मार्ग से करना चाहते है, तो आपको ये सेवा भी आसानी से मिल जायेगी, क्योकि यह शहर अन्य शहरों से बहुत ही अच्छी तरह से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है! मुख्य तौर पर जैसे – लखनऊ , दिल्ली , मथुरा , शिमला , देहरादून से यहाँ के लिए नियमित बसे उपलब्ध है!