July 2, 2020
झालावाड़ के दर्शनीय स्थल घुमने की जानकारी Jhalawar tourist place In Hindi

झालावाड़ के दर्शनीय स्थल घुमने की जानकारी Jhalawar tourist place In Hindi

Jhalawar tourist place In Hindi झालावाड़ राजस्थान का एक प्रमुख (Jhalawar Tourism)पर्यटन शहर है, राजस्थान पर्यटन (rajasthan tourism) में झालावाड का मुख्य स्थान है, झालावाड अपने अतीत के ऐतिहासिक किलों और विसाल सुंदर महलों के लिए काफी लोकप्रिय है,और झालावाड़ जीवंत वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है। झालावाड एक विविध सांस्कृतिक विरासत है जिसमें राजपूत और मुगल काल के कई किले और महल शामिल हैं। यह पूरी तरह से बड़ी संख्या में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।

राजस्थान का झालावाड एक खूबसूरत शहर है, और अपने विशाल किलों और उनकी अदभुद वास्तुकला से पर्यटकों को अपनी तरफ खींचता है। घुमाने के लिहाज से यह बहुत सही है, अगर आप झालावाड़ घूमने जा रहे हैं, तो झालावाड के प्रमुख पर्यटन (Jhalawar tourist place) स्थलों कीजानकारी हम आप के साथ शेयर कर हैं, इस लेख को जरुर पढ़ें, झालावाड़ पर्यटक दृष्टि से घूमने के लिए एक श्रेष्ठ स्थान है। जहां पर आप प्रकृति के सुंदर नजारों का लुफ्त उठा सकते हो। झालावाड़ में घूमने के लिए बहुत अधिक जगह हैं। और इसके आसपास की हरियाली एवं नदियां इसकी सुंदरता को और मनमोहक कर देते हैं।

झालावाड़ का इतिहास – Jhalawar History In Hindi

झाला जालिम सिंह के नाम पर झालावाड़ रखा गया। झालावाड़ की स्थापना कोटा के दीवान सन 1791 झाला जालिम सिंह प्रथम ने की थी। प्राचीन समय यह जगह घने हरे भरे जंगलों और जंगली जानवरों से घिरी हुई थी। झालावाड़ और झालरापाटन नाम के दो पर्यटन स्थल है। इन दोनों शहरों की स्थापना 18वीं शताब्दी में झाला राजपूतों द्वारा की गई थी। इसलिए इन्हें ‘जुड़वा शहर’ भी कहा जाता है। इन दोनों शहरों के बीच 7 किमी की दूरी है। यह दोनों शहर झाला वंश के राजाओं की रियासत का हिस्सा था। झालावाड को पुराने ज़माने में चोनी उम्मेदपुरा के नाम से जाना जाता है।

झालावाड़ के प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थल Jhalawar tourist place In Hindi

झालावाड़ के प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थल Jhalawar tourist place In Hindi
झालावाड़ के प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थल Jhalawar tourist place In Hindi

झालावाड़ जिले में घूमने के लिए अनेकों पर्यटक स्थल हैं। जहां पर आप प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। झालावाड (rajasthan tourism) के में सदैव कुछ नया देखने को मिलता है। जो आप की यात्रा को यादगार बना देता है, झालावाड के प्राचीन किले, भव्य मंदिर, विसाल भवन कई किले और महल शामिल हैं। यहाँ बड़ी संख्या में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।

झालावाड़ का गढ़ महल jhalawar fort tourist place in hindi

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गढ़ महल झालावार का (jhalawar fort) एक विसाल किलेनुमा महल है, झालावार गढ़ पैलेस चार मंज़िला भवन है, शहर के बीचों बीच बना यह गढ़ पैलेस झालावाड़ के अतीत की यादों को संजोए हुए है। इसके निर्माण में यूरोपियन ओपेरा शैली का विशेष महत्व है। परिसर के नक़्कारखाने के पास स्थित पुरातात्विक महत्व का संग्रहालय भी दर्शनीय है। महाराज राणा मदन सिंह द्वारा निर्मित झालावाड़ का गढ़ महल, शहर के मध्य में स्थित एक सुंदर स्मारक है। यह झालावंश का भव्य महल पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है

सूर्य मंदिर झालावाड Sun Temple Jhalawar in hindi

झालावाड़ का जुड़वां शहर झालरापाटन, जिसे घंटियों का शहर भी कहा जाता है। झालरापाटन बना सूर्य मंदिर बहुत ही भव्य मंदिर है। यहाँ पर सुबह शाम मंदिरों की घंटियों और आरती के मधुर स्वर से घाटिय मनमोहक हो जाती है। 10 वीं शताब्दी में बना सूर्य मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, मंदिर के प्रवेश द्वार के चौखानों और मेहराबों पर देवी देवताओं और अन्य हिन्दू पौराणिक छवियों को बहुतायत से अंकित किया गया है। मंदिर की बाह्य दीवारों पर पुरानी पट्टिकाएं उत्कीर्ण हैं, जिन पर विष्णु और कृष्ण आदि देवताओं के चित्र बने हैं। यहाँ की आदमकद मूर्तियों को देखकर पर्यटक हतप्रभ रह जाते हैं।

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गागरोन का किला झालावाड Gagaron Fort Jhalawar tourist place in hindi

गागरोन का किला झालावाड Gagaron Fort Jhalawar tourist place in hindi
गागरोन का किला झालावाड Gagaron Fort Jhalawar tourist place in hindi

गागरोन किला पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है क्योंकि यह किला एक पहाड़ी की चोटी पर बना है, गागरोन क़िले का निर्माण डोड राजा बीजलदेव ने 12वीं सदी में करवाया था। यह किला ’यूनेस्को’ की विश्व धरोहर स्थल सूची में है , चारो तरफ से पानी में घिरी पहाड़ी पर बने इस किले को जल किला भी कहते है, यह किला काली और सिंध नामक नदियों से घिरे इस किले की भव्य सुन्दरता को निहारने का मन करता रहता है। गागरोन किले में हजारों साही महिलाओं ने अपनी लाज बचाने के लिए जौहर कर लिया था। यहाँ के शासक ’अचलदास खींची’ जब मालवा के शासक होशंग शाह से हार गए थे तो यहाँ की राजपूत महिलाओं ने खुद को दुश्मनों से बचाने के लिए स्वयं को अग्नि के हवाले कर दिया था।

झालावाड़ का भीमसागर बांध – Jhalawar Bhimasagar Dam In Hindi

भीमसागर बांध झालावाड़ से 24 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है, भीमसागर बांध झालावाड का आकर्षण स्थल है, यहाँ पर आपको यात्रा के दौरान जरुर आना चाहिए। भीमसागर बांध के लिए कोई भी अपने मित्रों और परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए जा सकता है। यहां पर बाँध में उफनते पानी, हरियाली और चारों ओर वनस्पतियों को देखना आपको एक खास अनुभव देता है।

झालावाड़ जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Jhalawar In Hindi

राजस्थान में घूमने के लिए सर्दियों के महीनों के दौरान यानी अक्टूबर-फरवरी से सबसे अच्छा समय है सर्दियों के दौरान राजस्थान का मौसम दिन में काफी सुहाना रहता है, झालावाड़ शुष्क जलवायु के साथ एक बहुत गर्म क्षेत्र है इस वजह से गर्मियों के मौसम में यहां की यात्रा करना उचित नहीं है।

झालावाड़ कैसे जाये – How To Reach Jhalawar In Hindi

राजस्थान में एक प्रमुख ऐतिहासिक शहर होने के बाद भी झालावाड़ भारत के प्रमुख शहरों से केवल रोडवेज के माध्यम से जुड़ा हुआ है। यहां जाने के लिए जयपुर, जोधपुर जैसे प्रमुख शहरों से बसे नियमित रूप से चलती हैं। झालावाड़ के लिए कोई सीधी उड़ान या रेल संपर्क नहीं है। भोप राजा भोज हवाई अड्डा झालावाड़ से लगभग 230 किमी दूर स्थित है। यह झालावाड़ के लिए निकटतम उपलब्ध हवाई अड्डा है। रामगंजमंडी, झालावाड़ से निकटतम रेलवे स्टेशन है, जो इस ऐतिहासिक शहर से 25 किमी दूर है।