July 2, 2020
बूंदी शहर के दर्शनीय स्थल की जानकारी - Bundi Tourist Places (rajasthan tourism) In Hindi

बूंदी शहर के दर्शनीय स्थल की जानकारी – Bundi Tourist Places (rajasthan tourism) In Hindi

Bundi Tourist Places-rajasthan tourism- In Hindi बूंदी पर्यटन भारत के राजस्थान राज्य के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। आपको बता दें कि यह राजस्थान का एक प्रमुख जिला है। प्राचीन समय में बूंदी छेत्र के दर्शनीय पर्यटक स्थल काफी लोकप्रिय है, बूंदी अपनी शानदार हवेलियों और प्राचीन विसाल इमारत के लिए भी जाना जाता है, बूंदी की सबसे खास बात यह है कि यह पर्यटन स्थल कई नदियों, झीलों और झरनों जैसे प्राकृतिक आकर्षणों से सजा हुआ है। इस क्षेत्र में पर्यटक वनस्पतियों और जीवों की एक विशाल विविधता को देख सकते हैं। बूंदी की सुरम्य वादियों बहुत सारे लेखकों और कलाकारों को प्रेरित किया है। अगर आप राजस्थान के बूंदी पर्यटन घूमने की योजना बना रहें हैं तो हमारा यह लेख आपके बेहद काम का है क्योंकि इसमें हम आपको बूंदी के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने जा रहें हैं।

बूंदी का इतिहास – Bundi History In Hindi

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य राजस्थान में कम आवृत्ति वाले स्थानों में से एक है। बूंदी का इतिहास 12 वीं शताब्दी के शुरुआती समय का है। यह शहर कभी राजस्थान की रियासतों की राजधानी हुआ करता था। शुरुआती समय बूंदी और इसके पास के क्षेत्रों में कुछ स्थानीय जनजातियों का निवास था। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली जनजातियों और कुलों में, मीना सबसे शक्तिशाली और प्रमुख माने जाते थे। ऐसा माना जाता है कि बूंदी का नाम भी मीना के सरदारों के प्रमुख के नाम पर ही पड़ा है।

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राजस्थान के बूंदी शहर के पर्यटक स्थल Bundi Tourist Places -rajasthan tourism-In Hindi

बूंदी शहर पर्यटन के अनेक दर्शनीय स्थल अपने हृदय में समेटे हैं। अरावली पहाडि़यों की गोद में बसा बूंदी, राजस्थान का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत नजारा लिए है। यहाँ अनेक मंदिर होने से इसे ‘छोटी काशी’ के नाम से भी प्रसिद है। वर्षा एवं शरद ऋतु में विशेषकर बूंदी नगर का दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है जब पर्वत हरियाली चादर ओढ लेते हैं, झील और तालाब पानी से लबालब भर जाते है, महल, छतरियों एवं मंदिरों का नया रूप नजर आने लगता है। बूंदी के आस पास के क्षेत्र में पहाडि़यों से गिरते झरनों पर पर्यटकों की चहल पहल बढ़ जाती है। घुमने के लिहाज से बूंदी शहर खास स्थल है, यहाँ बभूत सारी जगह है जिसकी हम दे रहे है ,

बूंदी का तारागढ़ का किला पर्यटक स्थल Bundi fort of Taragarh Tourist place in hindi

बूंदी का तारागढ़ का किला पर्यटक स्थल Bundi fort of Taragarh Tourist place in hindi
बूंदी का तारागढ़ का किला पर्यटक स्थल Bundi fort of Taragarh Tourist place in hindi

तारागढ़ किले(fort of Taragarh) को स्टार फोर्ट (star fort) के नाम से भी जाना जाता है। बूंदी की स्थापना राव देव द्वारा की गई थी, तारागढ़ का किला (fort of Taragarh) का निर्माण राव देव ने वर्ष 1354 में किया गया है बूंदी शहर के उत्तर में ऊँची पहाड़ी पर बना तारागढ़ किला शहर के सिर का मुकट है। यह किला बूंदी शहर के जमीनी सतह से 600 फिट की ऊंचाई पर है, अरावली पहाडियों में स्थित इस किले से बूंदी शहर के मनोरम और मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।

यह दुर्ग कई बार अनेक शत्रुओं अल्लाउद्दीन खिलजी, मेवाड़ शासक क्षेत्रसिंह, मालवा के महमूद खिलजी, जयपुर शासक सवाई जयसिंह, कोटा नरेश भीमसिंह तथा दुर्जनशाल सिंह के अधिकार में चला गया परन्तु हर बार बूंदी के हाड़ा शासकों ने फिर से अपने अधिकार में ले लिया। दुर्ग में भीम बुर्ज, महल, पानी का तालाब, छतरी मंदिर आदि दर्शनीय हैं। जलाशयों में वर्षा जल संग्रहित होता था एवं वर्ष भर पेयजल के काम आता था। यही पर 120 फीट परिधि वाली 16 खंभों की सूरज छतरी दर्शनीय है ।

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बूंदी का खुबसूरत जैत सागर Beautiful Jait Sagar of Bundi in hindi

जैत सागर बूंदी शहर के बस स्टैंड से मात्र 3 किलोमीटर दुरी पर स्थित है, अरावली पहाडि़यों की गोद में बना जैत सागर पर्यटको के लिए काफी लुभावना है। जेत सागर का निर्माण पहाड़ पर बहाने वाली नदी पर बाध बनाकर किया गया है,बूंदी के मीणा शासक जैता ने 14 वीं सदी में बनवाया था। जैत सागर में पर्यटकों के लिए बोटिंग की व्यवस्था बी की गई है। जैत सागर के किनारे बने सुख महल एवं सुंदर उद्यान भी दर्शनीय हैं।

सुख महल का निर्माण राजा विष्णुसिंह ने 1773 ई. में करवाया था। सुख महल परिसर ने नया संग्रहालय स्थापित किया गया है। जैत सागर के एक किनारे पर नगर परिषद् द्वारा पहाड़ी पर आकर्षक सुंदर उद्यान भी बनाया गया है। सुंदर उद्यान में जब कमल के फूल अपनी रंगत बिखरते हैं तो शोभा निराली हो जाती है। जैतसागर के समीप बने सुख महल में भूतल पर एक बड़ा और दो छोटे कक्ष है। प्रथम तल पर दो कमरे आमने सामने हैं। छत गुम्बद युक्त, शिखरनुमा हैं। दोनों कक्षों के मध्य जैत सागर की पाल की ओर एक आठ स्तंभों पर आधारित छतरी भी है

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बूंदी का पर्यटन स्थल मोती महल Bundi’s tourist Moti Mahal in hindi

बूंदी का पर्यटन स्थल मोती महल Bundi's tourist Moti Mahal in hindi
बूंदी का पर्यटन स्थल मोती महल Bundi’s tourist Moti Mahal in hindi

मोती महल पैलेस बूंदी शहर की एक ऐतिहासिक किला है मोती महल पैलेस की सुंदरता देख पर्यटको बेहद आकर्षित करता है। इस किले से नागल सागर झील और अरावली पहाड़ियों के मनोरम दृश्य का आनंद भी ले सकते हैं। महाराजा राजा भाओ सिंह जी ने मोती महल का निर्माण वर्ष 1645 में करवाया था। 16 वीं शताब्दी के बाद इस किले को राव राजा चतरसाल ने अपने अधिकार में ले लिया था। इन दोनों राजाओं द्वारा किले को और भी मजबूत किया गया। उन्होंने यहां स्टेप वेल्स का निर्माण भी किया गया और किले में कई संरचनाएं भी जोड़ी। फिर 19 वीं सदी में इस किले पर अजीत सिंह ने कब्जा कर लिया। उन्होंने झील के किनारे एक सुंदर उद्यान और किले के पास एक विशाल शिव मंदिर का निर्माण किया।

बूंदी के रानी की बावड़ी Bundi Tourist Places-rajasthan tourism-In Hindi

रानी की बावड़ी बूंदी शहर की कलात्मक बावडि़यों में से एक है, बूदी के शासक राजा राव अनिरुद्ध सिंह की छोटी रानी द्वारा निर्मित एक प्रसिद्ध स्टेपवेल है। 1699 ई. में बनाई गई बूंदी शहर के मध्य रानी जी की बावड़ी एक दर्शनीय स्थल है। बावड़ी में नीचे जाने के लिए करीब 150 सीढि़यों उतरना पड़ता है, के बाद जल कुण्ड आता है। शहर की दूसरी महत्वपूर्ण बावड़ी गुल्ला जी की कुण्डली आकार की बावड़ी है। इसे गुलाब बावडी भी कहा जाता है। इसके आगे एल आकार की भिस्तियों की बावड़ी, श्याम बावड़ी तथा व्यास बावड़ी भी दर्शनीय हैं। शहर में और भी कई बावडि़यां बनी हैं।

बूंदी का बादल महल Badal mahal bundi tourist place in hindi

बादल महल, जिसे बादलों के महल के रूप में भी जाना जाता है, तारागढ़ पैलेस के परसिर में स्थित है। राजसी महल की दीवारें अति सुंदर चित्रों से ढकी हुई हैं जो अपने ग्रहणाधिकार में संलग्न हैं, और चीनी संस्कृति के प्रारंभिक प्रभाव को दर्शाती हैं। शाही निवास दो अलग-अलग समय अवधि में बनाया गया था। पहले चरण में, बरामदा और भूतल का निर्माण महारावल गोपीनाथ द्वारा किया गया था, और बाकी का निर्माण 1609 – 1657 ई। में मारहवाल पुंज द्वारा किया गया था। डावरा पत्थर से बने, महल के सभी तीन मेहराबों में एक आधा तैयार कमल है, जिसमें महल की सबसे लंबी तिजोरी है जिसमें तीन आधे तैयार कमल हैं। महल की यात्रा के दौरान, आपको किले के अंदर और बाहर के दृश्य देखने को मिलते हैं, जो महल को बूंदी का पर्यटन स्थल बनाते हैं।

बूंदी शहर जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Bundi tourist place In Hindi

बूंदी शहर जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Bundi tourist place In Hindi
बूंदी शहर जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Bundi tourist place In Hindi

सर्दियों के मौसम में बूंदी जाने का सबसे अच्छा समय है। बूंदी में गर्मियों के मोसम में द,न का वातावरण बहुत गर्म होता है, रात होने के साथ साथ यहाँ तापमान धीरे-धीरे कम होने लगता है, सर्दियों के दौरान यहां मौसम बेहद ठंडा हो जाता है जिससे रात के समय तापमान 5 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है। बूंदी की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय सर्दियों का होता है क्योंकि इस मौसम में पर्यटन स्थलों की यात्रा करने में बेहद आनंद आता है। बूंदी में बारिश जुलाई के महीनों तक सितंबर के मध्य तक ही रहती है। अगर मौसम को ध्यान में रखें तो बूंदी की यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक है। इस दौरान जलवायु की स्थिति शांत और आनंदमय रहती है।

बूंदी कैसे पहुंचे – How To Reach Bundi Rajasthan In Hindi

बूंदी शहर रेलवे और सड़कों मार्ग भारत के सभी बड़े शहर से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। बूंदी शहर के लिए नियमित निजी व् सरकारी बसे संचालित की जाती हैं। बूंदी शहर में कोई हवाई अड्डा नहीं है, बूंदी का निकटतम हवाई अड्डा जयपुर हवाई अड्डा है। जो बुदी से 210 किमी की दुरी पर है, बूंदी का नजदीकी रेलवे स्टेशन 40 किमी दूर कोटा में है।

फ्लाइट से बूंदी कैसे पहुंचे – How To Reach Bundi By Flight In Hindi

अगर आप हवाई मार्ग से बूंदी की यात्रा करना चाहते हैं, तो बता दें कि इसका निकटतम हवाई अड्डा जयपुर हवाई अड्डा है, जो लगभग 150 किमी की दूरी पर है। आप बूंदी तक टैक्सी या कैब की मदद से बूंदी पहुँच सकते हैं।

बूंदी सड़क मार्ग से कैसे पहुंचें – How To Reach Bundi By Road In Hindi

जो भी पर्यटक राजस्थान राज्य की यात्रा करने जा रहें हैं और बूंदी की यात्रा सड़क मार्ग द्वारा करना चाहते हैं। तो बता दें कि यह शहर राज्य के कई शहरों जैसे जयपुर, अजमेर, कोटा के अलावा देश के अन्य राज्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली से भी सडक मार्ग जुड़ा हुआ है। जयपुर और बूंदी के बीच की दूरी 206 किमी है।

कैसे पहुंचे बूंदी ट्रेन से – How To Reach Bundi By Train In Hindi

बूंदी शहर के दर्शनीय स्थल की जानकारी – Bundi Tourist Places-rajasthan tourism-In Hindi बूंदी नजदीकी रेलवे स्टेशन कोटा में है, जो बूंदी से 40 किमी दूर है। कोटा स्टेशन से आप टैक्सी या बस से बूंदी शहर आसानी से पहुँच सकते हैं।