October 15, 2020
फूलो की घाटी – हिमालय की गोद में है फूलों की घाटी beautiful valley of flowers uttarakhand in hind

फूलो की घाटी – हिमालय की गोद में है फूलों की घाटी beautiful valley of flowers uttarakhand in hind

beautiful valley of flowers Uttarakhand in hind नमस्कार दोस्तों हम बात कर रहे है , VALLEY OF FLOWER जिसे आमतोर पर “फूलों की घाटी” कहा जाता है, फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Valley of Flowers National Park) उतराखंड के चमोली जिले में स्थित है, फूलों की घाटी Valley of Flowers उतराखंड का आकर्षक और लोकप्रिय पर्यटक स्थल है! जो उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल क्षेत्र के हिमालयी क्षेत्र में चमोली जिले में स्थित है । फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान सम्मिलित रूप से विश्व धरोहर स्थल घोषित हैं । फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान(Valley of Flowers National Park) करीब 87.50 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में फैला हुआ है, फूलों की घाटी को विश्व संगठन , यूनेस्को द्वारा सन् 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया । 

वैली ऑफ फ्लावर्स फूलों की घाटी में अलग-अलग मौसम में भिन्न-भिन्न प्रकार के फूल खिलते है , जो गति की सुंदरता को और अधिक खूबसूरत कर देते हैं, जो फूलो की घाटी की सुंदरता परिवर्तनशील प्रतीत होती हैं। हिमालय की ऊँची-ऊँची चोटियों जोकि वर्फ से ढंकी हुई सफ़ेद प्रतीत होती हैं, अपने आप में ही एक रमणीय दृश्य प्रस्तुत करती हैं। यदि आप भी फूलों की घाटी के बारे में जानना चाहते हैं या घूमने की चाहत रखते हैं तो हमारी पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास Valley of Flowers National Park history in hindi

फूलो की घाटी – हिमालय की गोद में है फूलों की घाटी beautiful valley of flowers uttarakhand in hind
फूलो की घाटी – हिमालय की गोद में है फूलों की घाटी beautiful valley of flowers uttarakhand in hind

पौराणिक कथाओ के मुताबिक रामायण काल में हनुमान इस घाटी पर आये थे जब लक्ष्मण को जीवत करने के लिए संजीवनी बूटी की खोज में निकले थे। और फूलों की घाटी से ही संजवनी बूंटी लेक गये थे, मगर सबसे पहले इस घटी Valley of Flowers का पता सन 1931 लगा था, जब एक अंग्रेजी पर्यटक एस स्मिथ सन 1931 अपनी पहाड़ो की यात्रा के दोरान, यहाँ से लोट रहे थे ! फूलों की घाटी के मनमोहक फूलो की खूबसूरती से इतने प्रभावित हुए, की एस स्मिथ 1937 वापस आये ,और इस घटी को बारीकी से घुमने के बाद उन्होंने इस गाती पर किताब लिखी, सन 1938 में जब एस स्मिथ की किताब (Valley of Flowers ) प्रकाशित हुई, तब फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए लोकप्रिय हो गई,और प्रक्रति प्रेमियों के लिए एक विश्व प्रसिद्ध स्थल बन गया। हिमालिये पर्वतों से घिरी फूलों की घाटी में 500 से अधिक फूलो से सजा हुआ है,

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फूलों की घाटी के खुबसूरत फुल Beautiful flowers full of valley of flowers

बर्फ से ढकी पहाड़ियों से घिरी फूलों की घाटी, में 500 से अधिक फूलो जी खूबसूरती देखने को बनती है, मई महीने के बाद जब बर्फ की चादर छटने लगती है, तो फूलो की घाटी में फूलो की पंखुडियों में रंग बिखरने लगते हैं। जुलाई एवं अगस्त माह के दौरान यहाँ का द्र्स्य मदहोश कर देते है, फूलों की घाटी में पाये जाने वाले फूलों के पौधों में हिमालयी नीला पोस्त, एनीमोन, जर्मेनियम, मार्श, गेंदा, प्रिभुला, पोटेन्टिला,थर्मोपसिस, ट्रौलियस, एक्युलेगिया, जिउम, तारक, अनाफलिस,सैक्सिफागा,लोबिलिया, लिलियम, बछनाग, डेलफिनियम, रानुनकुलस, कोरिडालिस, इन्डुला, सौसुरिया, कम्पानुला, पेडिक्युलरिस, मोरिना, इम्पेटिनस, बिस्टोरटा, लिगुलारिया, कोडोनोपसिस, डैक्टाइलोरहिज्म, साइप्रिपेडियम, स्ट्राबेरी एवं रोडोडियोड्रान इत्यादि प्रमुख हैं। यहाँ के फूलों में अद्भुत औषधीय गुण होते हैं और यहाँ मिलने वाले सभी फूलों का दवाइयों में इस्तेमाल होता है।

फूलों की घाटी विश्व धरोहर Valley of Flowers World Heritage

पूरी दुनिया में मशहूर भारत की पहचान फूलों की घाटी विश्व धरोहर है, उत्तराखंड हिमालय में फूलों की घाटी सम्मिलित रूप से विश्व धरोहर स्थल घोषित हैं। फूलों की घाटी को वर्ष 2005 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा प्रदान किया। फूलों की घाटी में जुलाई से अक्टूबर के मध्य 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। खास बात यह है कि हर 15 दिन में अलग-अलग तरहके रंगबिरंगे फूल खिलने से घाटी का रंग भी बदल जाता है। इसकी की खूबसूरती में सम्मोहन हो कर हर कोई यही का होना चाहता है।

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फूलों की घाटी की एंट्री फ़ीस Valley of Flowers entry fee

फूलों की घाटी में एंट्री के लिए भारतीय पर्यटकों के लिए एंट्री फीस के 150 रुपये है, अगर आप के साथ बच्चे हैं और उनकी उम्र पांच साल से कम है, तो कोई एंट्री फीस नहीं है। वही विदेशी पर्यटकों के लिए यह फीस 650 रुपये है।

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फूलों की घाटी कैसे पहुंचें How to reach the Valley of Flowers

फूलों की घाटी पहुंचने के लिए आप निकटतम हवाई अड्डा ऋषिकेश के पास जॉलीग्रांट (देहरादून) में है। चमोली जिले का अंतिम बस अड्डा गोविंदघाट है, जो तीर्थनगरी ऋषिकेश से 275 किलोमीटर की दूरी पर है, फूलों की घाटी जोशीमठ- बदरीनाथ के मध्य पड़ता है। ऋषिकेश तक रेल से भी पहुंचा जा सकता है, जबकि गोविंदघाट से फूलों की घाटी के प्रवेश स्थल घांघरिया की दूरी 13 किलोमीटर है। जोशीमठ से गोविंदघाट की दूरी 19 किलोमीटर है।

दोस्तों फूलो की घाटी – हिमालय की गोद में है फूलों की घाटी beautiful valley of flowers uttarakhand in hind