September 21, 2020
खुबसूरत घाटियों में बसा खंडाला और लोनावला

खुबसूरत घाटियों में बसा खंडाला और लोनावला

खुबसूरत घाटियों में बसा खंडाला और लोनावला  महाराष्ट्र का पर्वतीय व झीलों की नगरी खंडाला नोलावला पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है। ये क्षेत्र पर्यटक दृष्टि से सुप्रसिद्ध है। ये मुंबई पुणे का बहुत ही शानदार हील स्टेशन है। लोनावला दर्शनीय स्थल है। इस हील स्टेशन की लोकप्रियता ना केवल पर्यटकों को लुभाती है। बल्कि फिल्मी दुनिया में भी ये जगह छाई हुई है। फिल्मों में भी ये जगह काफी फैमस है खंडाला नोलावला से केवल 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

खंडाला लोनावला का सबसे प्रसिद्ध ओर रमणीय स्थल है। नोलवला मुंबई पुणे के राजमार्ग पर स्थित है। पर्वत श्रंखला के पश्चिम में मोर घाट पर खंडाला और लोनावला विश्व प्रसिद्द स्थान है। महाराष्ट्र के पर्वतीय स्थल पर्यटकों में बहुत लोकप्रिय है। खंडाला ओर नॉलावला विश्व प्रसिद्द ऐसा व्यापक स्थान है जहां देश विदेश से लोग घूमने आते है। लोनावला खंडाला घाट काफी लोकप्रिय है।

Khandala and Lonavala are situated in beautiful valleys

नॉलावल खंडाला से बड़ा है। लेकिन खंडाला बहुत ही सुखद और शांत जगह है। बरसात के मौसम में यहां का मौसम बहुत ही रंगीन ओर प्यारा हो जाता है। घूमने आए लोगो ओर पर्यटकों को यहां का नज़ारा बहुत लुभाता है। इसकी अद्वितीय सुंदरता सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां बहते हुए झरनों का नज़ारा ओर झुके हुए बादलों को देख कर ये स्थान स्वर्ग के समान प्रतीत होता है। ऐसा आभास होता है जैसे पहाड़ बादलों को छू रहे हो। जब साल की पहली बारिश की बूंदे इस जगह पर गिरती है। तो इसका प्राकृतिक सौंदर्य और भी बढ़ जाता है। ये नज़ारा किसी भी इंसान को मनमोहित कर देती है।

खुबसूरत घाटियों में बसा खंडाला और लोनावला

खुबसूरत घाटियों में बसा खंडाला और लोनावला
Tiger point Lonavla

 

खंडाला ओर लोनावला में रहने और खाने पीने की भी उचित व्यवस्था भी उपलब्ध है। पर्यटकों के रुकने व आराम करने के लिए विश्राम ग्रहों , धर्मशालाओं, सेनिटोरियम, स्टैंडर्ड होटल्स आदि बने हुए है। यहां पर्यटकों के देखने योग्य बहुत सी जगह है – लवर्स प्वाइंट, टाइगर्स पॉइंट , हार्स शू वैली, डीप प्वाइंट जैसे अनेकों दर्शनीय स्थल यहां पर हैं। इनके अलावा पर्यटकों के देखने लायक यहां की भूसी डेम तथा भूसी लेक है।  जो पर्यटकों को बहुत पसंद आते है। नोलावला का भूखंड चारो ओर से पर्वतीय श्रंखलाओं घिरा हुआ है। शुरुआती समय से ही बारिश के आवागमन यहां का मौसम बहुत अच्छा हो जाता है। अप्रैल महीने में बारिश होने के कारण यहां का तापमान सुखद ही रहता है। इस समय यहां पर्यटकों की भरमार रहती है।

 
 

लोनावला खंडाला घाट

 

नोलावला में भारत की अद्वितीय गुफाएं पाई जाती है। यहां पाई जाने वाली प्राचीन गुफाओं में मुख्य कारला, भाने, बेडसा आदि है। इन सब गुफाओं में कारला की गुफा अत्यन्त पुरानी है। ये गुफा उस समय की ऐतिहासिक गुफा है। कारला गुफा महाराष्ट्र के कार्ला में स्थित है। इसका निर्माण सन् 160 वर्ष पूर्व का माना जाता है। भारत की बड़ी बड़ी चैत्य गुफाओं का समावेश है। इन गुफाओं पर भारतीय बुद्धकालिन स्थापत्य कला के उदाहरण देखने को मिलते हैं। ये चट्टान को काटकर बनाया गया बौद्ध मंदिर है।

खुबसूरत घाटियों में बसा खंडाला और लोनावला
Khandala Ghat, Mumbai

 

जिसकी दीवारों पर बुद्ध की मूर्तियां भी बनाई गई है। ब्राम्ही लिपि मे लेख भी लिखे मिलते है। इसकी मुख्य दरबार से पीछे के दरबार की दूरी 124 फूट है। इसके सामने का हिस्सा दो मंजिला है। इसके ऊपरी के में सूर्य के प्रकाश के आवागमन के लिए विशाल वातायन ( रोशनदान) बनाया गया है। जो हमे गुफा में रास्ता दिखाता है।ओर इसके निचले हिस्से में तीन द्वार बनाए गए है। इसके अलावा पर्यटकों के देखने योग्य बहुत ही सुन्दर लकड़ी का बना हुआ मंदिर है। ये मंदिर बहुत ही शानदार है। इस मंदिर में भगवान शिव की बहुत बड़ी प्रतिमा को स्थापित किया गया है। जो सभी का ध्यान अपनी ओर  केंद्रित करती है।

 
भाजे का गुफा 
 
खुबसूरत घाटियों में बसा खंडाला और लोनावला
भाजे का गुफा

 

भाजे गुफाएँ महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित है। ये गुफाएं पुणे जिले के नोलावला में पाई जाती है।भाजे गुफा नोलेवला से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस क्षेत्र में कुल 22 गुफाओं का समूह है। जिनमे 12 नंबर की गुफा सबसे प्रमुख है। पहाड़ों के निचले हिस्सों में गुफाएं बनी हुई है। इन गुफाओं का निर्माण शैल को काटकर किया गया है। दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में इन गुफाओं को निर्मित किया गया था। महाराष्ट्र के हिनायन बौद्ध धर्म के संप्रदाय से सम्बन्धित है। इस क्षेत्र में इन गुफाओं का विशेष महत्व है। सरकार द्वारा इन राष्ट्रीय शिलालेख के स्मारकों को सुरक्षित ओर संरक्षित करने हेतु सरकार ने 2407 – ए अधिनियम बनाया है। इन गुफाओं की महत्वपूर्ण विशेषता यहां के स्तूप है। इसमें 14 स्तूप ओर 13 खंभे स्थित है। ये स्थान की यहां की खास प्रशंसा का विषय है। प्राचीन काल में इस क्षेत्र में लकड़ी की वास्तुकला काफी प्रचलित थी।

वेडसा गुफा

 

वेदसा गुफा महाराष्ट्र के इतिहासिक गांव वेडसा में स्थित है। ये गांव महाराष्ट्र के पुणे जिले के मावल तालुका में है। ये क्षेत्र मुंबई पुना के रेलवे मार्ग से  बड़गाव स्टेशन से 6 मील की दूरी पर स्थित है। ओर कार्ले से वेदासा 10 मील दूर दक्षिण में स्थित है। कर्ले ओर भाजा की गुफाओं के समान वेडसा की गुफाएं भी बहुत शानदार लगती है। इन गुफाओं पर भी वास्तु कला और शिल्प कला के उदाहरण देखें जा सकते है। इस क्षेत्र में गुहा वास्तु अधिक लोकप्रिय है। इस गुफा में भी कार्ले और भाजा के गुफ़ा की तरह मंदिरों बने हुए है।  बेडसा में भी बौद्ध गुफा मंदिर बना हुआ है। इन गुफाओं पर की गई लकड़ी व पत्थर की कलाकारी की बहुत ही बेहतरीन है।

यहां की गुफाओं में मुख्य दो स्तंभ बने हुए है। जो कि मुख्य मंडल में बने हुए है। ये स्तंभ कार्ले की गुफ़ा के स्तम्भों की तरह स्वतंत्र नहीं कहे जा सकते है। क्योंकि इन स्तंभों पर अशोक कालीन स्तंभों का प्रभाव साफ दिखाई देता है। ये स्तंभ बहुत ही शानदार ओर अठपहलु वाले है। इन स्तंभों के शीर्ष बहुत ही अच्छी आकृति के बनाए गए है। ये सुंदर शीर्ष पर्यटकों को बहुत पसंद आते है। स्तंभ के एक तरफ पुरुष के चित्र को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया है। ओर दूसरी तरफ नारी के सौन्दर्यपूर्ण स्वरूप को बनाया गया है। इस तरह से जानवरो ओर पक्षियों के भी चित्र बनाकर इसकी सुंदरता को बढ़ाया गया है।

कुछ जानकारिय