November 18, 2019
Akshardham Mandir ki jankari|Akshardham Temple History In Hindi

Akshardham Mandir|Akshardham Temple History In Hindi

Akshardham Mandir|Akshardham Temple History In Hindi, भारत की राजधानी दिल्ली सभी लोगो के लिए आकर्षण का केंद्र है।दिल्ली सभी कार्यशैली में अग्रिम क्षेत्र है। इसलिए भारत व देश-विदेश के सभी लोगो  को ये अपनी और आकर्षित करता है। Akshardham Mandir देहली की आज पहचान है । पर्यटक दृष्टि से भी दिल्ली काफी प्रसिद स्थान माना जाता है। यहाँ स्थित Akshardham Mandir सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद है। ये मंदिर भारत देश में दिल्ली शहर का मुख्य आकर्षण केंद्र बना हुआ है। राजधानी देहली का Akshardham Mandir मुख्य पर्यटक स्थल है। ये मंदिर पुर विश्व में अपनी पहचान बनाये हुए है । ये मंदिर दिल्ली शहर की शान को और भी ज्यादा बनांये हुए है। दिल्ली के इसी स्थान पर 2010 में खेले जाने वाले कोमनवेल्थ खेल इसी क्षेत्र में आयोजित होते है। ये मंदिर कॉम्प्लेक्स के ठीक मध्य में स्थित है। इसका निर्माण वास्तु -शास्त्र के नियमो के अनुसार किया गया है।

 

Akshardham Mandir|Akshardham Temple History In Hindi

अक्षरधाम मंदिर जो की स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। ये मंदिर हिन्दुओ को प्रसिद और धार्मिक स्थल माना जाता है। यहाँ देश-विदेश से श्रदालु इस मंदिर के दर्शन करने आते है । भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित इस मंदिर को हिन्दू धर्म के साहित्यिक-सांस्कृतिक का स्थान भी कहा जाता है। ये मंदिर हिन्दू धर्म की संस्कृति का अनूठा उदाहरण है। इस मंदिर की बनावट में हिन्दू धर्म के साहित्यों ,संस्कृतियो और कलाकृतियो को बहुत ही शानदार स्वरूप में सजाया गया है। डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा इस मंदिर को 6 नवम्बर 2005 में प्रशासकीय सूप से खोला गया था। ये मंदिर हिन्दुओ की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। अक्षरधाम मंदिर यमुना नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर की सुन्दरता दिल्ली की सौभा को और अधिक बढ़ा देती है।

Akshardham MandirAkshardham Temple History In Hindi
Akshardham MandirAkshardham Temple History In Hindi

इस मंदिर का निर्माण वास्तु-शास्त्र के नियमो के अनुसार किया इसलिए धार्मिक दृष्टि से इस मंदिर का काफी महत्व माना जाता है। इस मंदिर के कॉम्प्लेक्स में अभिषेक मंडप, सहज आनंद वाटर शो के अलावा यहाँ का थीम गार्डन भी लोगो को बहुत पसंद आता है। ये यहाँ मुख्य आकर्षण के केंद्र माने जाते है। इनके अलावा अन्य तीन प्रदर्शनी सहजआनंद दर्शन, नीलकंठ दर्शन और संस्कृति दर्शन भी यहाँ लोकप्रय है। स्वामीनारायण ने अक्षरधाम मंदिर का नाम हिन्दुओ के धार्मिक इतिहास को ध्यान में रखते हुआ रखा है। क्योकि ऐसा माना जाता है -अक्षरधाम शब्द का अर्थ भगवान के घर से है। और इसलिए उन्होंने इसका नाम भी अक्षरधाम रखा था। श्रद्धालुओ के अनुसार अक्षरधाम देवताओ का निवास स्थान कहा जाता है।

 

अक्षरधाम मंदिर देहली / akshardham madir dehali

Akshardham Mandir|Akshardham Temple History In Hindi
Akshardham Mandir|Akshardham Temple History In Hindi

स्वामीनारायण अक्षरधाम दिल्ली में स्थित कॉम्प्लेक्स का प्रमुख स्थान है। मुख्य रूप से लोगो के आकर्षण का केंद्र बिंदु अक्षरधाम मंदिर है। इस मंदिर की कलाकृति को जटिलतापूर्वक बनाई गई है। तथा इसे फूलो,पशुओ ,नर्तको ,संगीतकारों एवं अनुयायियों की आकृतियो से भली-भांति सुसृजित किया गया है। इस मंदिर की ऊंचाई 141 फूट एवं लम्बाई 356 फूट है। और ये 316 भू-भाग पर फैला हुआ है। इया मंदिर को महर्षि वास्तु आर्किटेक्चर के अनुसार बनाया गया था। इस मदिर की डिजाईन बहुत ही सावधानीपूर्वक की गई है। अक्षरधाम मंदिर की मुख्य विशेष राजस्थानी गुलाबी पत्थरो से और इतालियन कार्रारा मार्बल इसे निर्मित किया गया है जो इसकी सुन्दरता को उबारर्ता है। 

इस मंदिर को हिन्दू शिल्प शास्त्र के अनुसार भी सजाया गया है। तथा हिन्दुओ के अन्य इतिहासिक मंदिरों की तरह इसमें भी मेटल,स्टील और कोंक्रिट का उपयोग इसके निर्माण में काम में ली गई है। इस मंदिर की प्रमुख विशेषता यहाँ बने दर्शनीय स्थल है। जिनमे देखने योग्य 234 आभूषित किये हुए पिल्लर और 9 गुम्बद बने हुए है, 20000 साधुओ,अनुयायियों और आचार्यो की मुर्तिया लोगो के आकर्षण का मुख्य स्त्रोत है।

मंदिर की निचले हिस्से में हाथी पीठ भी बनी है जहा हाथी को श्रधांजलि देने वाला एक स्तम्भ भी बनाया गया है इसका हिन्दू साहित्य और संस्कृति में विशेष महत्त्व भी बताया गया है। इसमें कुल 148 विशाल हाथी की आकृतिया बनाई गई है, जिनका लगभग 3000 टन वजन माना जाता है। दिल्ली में स्थित अक्षरधाम मंदिर स्वामीनारायण मंदिर के नाम से भी प्रसिद है। इस मंदिर को पुरे विश्व में ख्याति प्राप्त है। इसकी कारीगरी बहुत ही सुन्दर लुभावनी है। इसकी प्रसिद्धि का मुख्य कारण इसका विशालकाय आकार है। इसलिए ये पूरी दुनिया में पर्यटक दृष्टि से बहुत ही प्रसिद स्थान माना जाता है। इस मंदिर के बारे बहुत-सी ख़ास बाते है,

 

भारत में अक्षरधाम मंदिर जैसे बहोत से इतिहासिक मंदिर बने हुए है, आज यही मंदिर भारत के इतिहासिक और इतिहासिक कलाकृतियों की बयाँ करते है। हमें भारत के इन मंदिर पर हमेशा गर्व होना चाहिए और गर्व होना चाहिए की आज भी हम एक ऐसे देश में रहते है जहाँ के लोग सदियों पुरानी परम्पराओ को आज भी मानते है।

 

Akshardham Temple is included in the Guinness Book and World Record

 

अक्षरधाम मंदिर का नाम गिनीज बुक और वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है। अक्षरधाम मंदिर को विश्व का सबसे विशाल हिन्दू मंदिर माना जाता है। इस मंदिर की एक और विशेष बात यह है की इसे बनाने में सिर्फ पाँच साल का समय लगा था, यह निश्चित ही आश्चर्यजनक बात है। लगभग 11000 कलाकारों और अनगिनत सहयोगियों ने मिलकर इस विशाल मंदिर का निर्माण किया था, नवम्बर 2005 में इस मंदिर की स्थापना की गयी थी।

 

अक्षरधाम मंदिर के दर्शनीय स्थल Places to visit in Akshardham Temple

 

अक्षरधाम में दर्शनार्थियों के आकर्षण के लिए बहोत से आकर्षण है। इस मंदिर में बहोत सी इमारते और आकर्षित स्तम्भ बने हुए है। जो भारतीय इतिहास की महानता और संस्कृति को दर्शाते है। इस मंदिर में एक फिल्म स्क्रीन भी लगी हुई है जिसमे भगवान स्वामीनारायण के जीवन पर आधारित फिल्म दिखायी जाती है।

मंदिर के बीच के गुम्बद के निचे 4 मीटर ऊँची स्वामीनारायण भगवान की अभयमुद्रा में बैठी हुई मूर्ति है। स्वामीनारायण मंदिर जातिगत गुरुओ के विचारो की प्रतिमाओ से घिरा हुआ है। स्वामीनारायण में बनी हर एक मूर्ति हिन्दू परंपरा के अनुसार पञ्च धातु से बनी हुई है।

इस मंदिर में सीता-राम, राधा-कृष्णा, शिव-पार्वती और लक्ष्मी-नारायण की मूर्तियाँ भी है। अक्षरधाम मंदिर की मुख्य ईमारत एक सरोवर से घिरी हुई है जिसे नारायण सरोवर कहा जाता है, जिसमे देश की तक़रीबन 151 विशाल सरोवर और नदियों का पानी भरा हुआ है। सरोवर के पास ही में 108 गौमुख भी बने हुए है और माना जाता है की यह 108 गौमुख 108 हिन्दू भगवान का प्रतिनिधित्व करते है।

 

अक्षरधाम मंदिर का यज्ञपुरुष कुंड/Yagnapurush Kund of Akshardham Temple

 

अक्षरधाम मंदिर में यग्नपुरुष कुण्ड भी है, जिसे विश्व का शबे बड़ा कुण्ड भी कहा जाता है। कमल के आकार में बने इस कुण्ड में 108 छोटे तीर्थस्थान और 2870 सीढियाँ बनी हुई है। कहा जाता है की इस कुण्ड का आकार ज्योमेट्री के हिसाब से एकदम परफेक्ट है। और यह कुण्ड भारतीय इतिहास के महान गणितग्यो की महानता को दर्शाता है।

अक्षरधाम मंदिर का इतिहास – Akshardham Temple History

अक्षरधाम मंदिर के पीछे संस्था BAPS का हात है, जिसका अर्थ बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था से है। इसके प्रमुख स्वामी महाराज ने मंदिर को बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है।

आज अक्षरधाम मंदिर दिल्ली शहर का मुख्य आकर्षण केंद्र बन चूका है और वर्तमान में अक्षरधाम मंदिर के बिना दिल्ली शहर की कल्पना करना मुश्किल ही नही नामुमकिन है।

 

अक्षरधाम मंदिर की कुछ रोचक बाते –Interesting Facts About Akshardham Temple In Delhi

 

अक्षरधाम मंदिर का एक और आकर्षण गार्डन ऑफ़ इंडिया है, मुख्य रूप से यह मंदिर के क्षेत्र में बना हरा लॉन है। इस गार्डन में बहुत सी कांसे की मूर्तियाँ बनी हुई है जो देश के कुछ महापुरुषों को श्रधांजलि देते हुए नजर आते है जैसे सैनिक, बाल हीरो और महान महिलाये और महापुरुष देशभक्त।

 

अक्षरधाम मंदिर का संगीतमय वाटरफ़ोल/ Musical fountain of Akshardham Temple

 

इस सुन्दर और मनमोहक मंदिर में आकर्षित करने वाला एक म्यूजिकल फाउंटेन शो भी है। यह शो हर शाम 15 मिनट तक होता है। इस शो में जीवनचक्र भी दिखाया जाता है, जो इंसान के जन्म से शुरू होता है और मृत्यु पर खत्म होता है, इसे दिखाते समय ही म्यूजिकल फाउंटेन का उपयोग किया जाता है।

 

अक्षरधाम मंदिर का बगीचा/Akshardham Temple Garden

 

अक्षरधाम मंदिर में एक और आकर्षित गार्डन है जिसे कमल बाग़ भी कहा जाता है, इसका नाम इसके आकार के आधार पर ही रखा गया है। यह गार्डन पवित्रता का स्वरुप है। कहा जाता है की इतिहास के कई महापुरुष, दर्शनशास्त्री और वैज्ञानिक इस गार्डन में आये थे।

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