October 15, 2020
रणथम्भौर नेशनल पार्क/Ranthambore National Park

रणथम्भौर नेशनल पार्क/Ranthambore National Park

रणथम्भौर नेशनल पार्क/Ranthambore National Park राजस्थान में बहुत सारे प्रशिद्ध नेशनल पार्क है, और आज हम जिस पार्क की बात कर रहे है उसका नाम रणथम्भौर नेशनल पार्क है। ये पार्क आज अपनी खूबसूरती के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध  है।  इस पार्क में जल स्रोत के लिए तीन विशाल तालाब बनाये हुए है। इसके अलावा बंगाली बाघ भी पाए जाते है। आज हम इस ब्लॉग में रणथम्भौर पार्क की सारी जानकारी निचे विस्तार से दे रहे  है।

रणथम्भौर नेशनल पार्क राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर जिले के छेत्र में पड़ता है , जो शहर से 11 किमी की दुरी पर में स्थित है। भारत के कुछ खास टाइगर रिज़र्व में से एक रणथम्भौर नेशनल पार्क में भी है।  रणथंभौर नेशनल पार्क एक राष्ट्रीय उद्यान है, और इस पार्क में किला भी स्थित है  जिसका नाम रणथम्भौर किला है, इस नेशनल पार्क में मछली नाम की एक बंगाली बाघिन है जिसे देखने के लिए देश विदेश के पर्यटक आते है।

रणथम्भौर नेशनल पार्क/Ranthambore National Park

अरावली पर्वत मालाओं से घिरे रणथम्भौर के इस जंगल में जयपुर के महाराजा शिकार किया करते थे लेकिन बाद में कुछ समय बाद सन 1955 में इसे ने अभयारण्य बना दिया और भारत सरकार सन 1973 में इसे बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया और सन 1980 में इसे नेशनल पार्क की मान्यता दी गयी थी। सन 1991 में क्षेत्र में सवाई मान सिंह और कलादेवी अभयारण्य को जोड़कर इसे और विशाल बना दिया गया जिसकी वजह से इसका क्षेत्र बढ़कर 1334 वर्ग किमी तक फेल गया। रणथम्भौर नेशनल पार्क के दक्षिण में चम्बल नदी और उत्तर में बनास नदी है। बनास नदी के किनारे मानसिंह सैंक्च्युरी औऱ कैला देवी सैंक्च्युरी इस पार्क के दक्षिण में स्थित है।

रणथम्भौर नेशनल पार्क/Ranthambore National Park
रणथम्भौर नेशनल पार्क

भारत के सबसे बड़े पार्कों में से एक रणथम्भौर नैशनल पार्क राजस्थान ही नहीं भारत की भी शान है। रणथम्भौर नेशनल पार्क एक द्वीप है जहा परबहुत सारे विभिन्न प्रकार के जीव, पक्षी और वनस्पति देखने को मिलते है। आरावली पर्वत मालाओ से घिरा होने के कारण इस पार्क के सभी रास्ते पहाड़ो मे से निकलते है इस वजह से इन रास्तो पर काफी कम सरोवर दिखाई देते है। इस पार्क में पदम तालाब, राज बाग तालाब, और मालिक तालाब नाम के तीन तालाब है। घूमने और फोटो सूट के शौकीन पर्यटकों के लिए नेशनल पार्क सबसे अच्छा समझा जाता है।

देश के महत्वपूर्ण अभारयण में से रणथम्भौर उनमे से एक है जो की देश का   नेशनल पार्क माना जाता है ये बहुत ही सुन्दर वन्य ज़ीव स्थल है रणथम्भोर अभारयण  में सभी प्रकार की  प्रजातियों के पशु और पक्षी पाए जाते हैं,बाघ यहाँ के प्रमुख आकर्षण का कारण है। यहाँ बाघों का निवास बहुत समय से माना जाता है। इसी कारण ये क्षेत्र पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है।

सवाई माधोपुर के छोटे से गांव के अंदर बना ये रणथम्भौर नेशनल पार्क बहुत ही अच्छा है क्योकि यहाँ जीव जन्तुओ की देखरेख बहुत भली प्रकार से की जाती है। रणथम्भौर जाने के लिए ये गांव ही मुख्य द्वार है। सवाई माधोपुर से रणथम्भौर  सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित  है।

रणथम्भौर नेशनल पार्क कैसे पहुंचें ?

हवाई मार्ग से                                                                                                           रणथम्भौर  जाने के लिए सबसे पहला एयरपोर्ट जयपुर में ही है । ये राजस्थान का प्रमुख हवाई अड्डा है क्योकि ये अन्य खास शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई से भी जुड़ा है। सवाई माधोपुर जाने के लिए यहाँ का रास्ता केवल 4 घंटे का है ।

रेलवे स्टेशन

रणथम्भौर से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन सवाई माधोपुर में है। क्योकि इस स्टेशन से सभी  प्रमुख रेलें दिल्ली, जयपुर आदि शहरों को जाने के रास्ते जुड़े हैं।

सड़क मार्ग सेुर
रणथम्भौर जाते समय सवाई माधोपुर की सबसे करीबी बस्ती  में से होकर गुजरना पड़ता है। जो कि रणथम्भौर से 15 किलोमीटर की दूरी पर बसी हुई है।

कनेक्टिविटी – रणथम्भौर नेशनल पार्क देश के सभी  कस्बों और शहरों से बहुत अच्छी तरह                                       जुड़ा हुआ है। इसलिए यहाँ जाना सभी के लिए आसान होता है।

करीबी हवाई अड्डा –      जयपुर एयरपोर्ट, 145 किलोमीटर की दूरी पर

नजदीकी शहर –            सवाई माधोपुर
जदीकी रेलवे स्टेशन –   सवाई माधोपुर स्टेशन

रणथम्भौर नेशनल पार्क/Ranthambore National Park

रणथम्भौर नेशनल पार्क की टोपोग्राफी व्यापक होने के कारण यहां विभिन्न प्रकार के वनस्पति, पक्षी, और जीव जन्तु भी हैं। रणथम्भौर नेशनल पार्क अरावली की पर्वतो पर स्थित है। यह राजस्थान की राजस्धानी जयपुर 145 किलोमीटर है और सवाई माधोपुर से 11 किलोमीटर दुरी पर स्थित है

वनस्पति
रणथम्भौर नेशनल पार्क में  लगभग सभी प्रकार की वनस्पतिया पाई जाती है मुख्य रूप से सूखी पर्णपाती के प्रकार वाली वनस्पति बहुतायत में पाई जाती है और यहां पेड़ पौधो की लगभग 300  प्रकार की प्रजातियों देखने को मिलती हैं  ज्यादातर यहाँ  धोक वनस्पतिया पाई जाती है। जिनमे मुख्य रूप से ये है  इमली, बबूल, आम, बरगद, धक और चिला, बेर, कदम, खजूर, खैर, काकेरा महुआ, करेल, नीम आदि वनस्पतियों का यह प्राकृतिक स्थान है।

जीव जन्तु
यहां के वन्यजीवन में दिवाचर बाघ, जंगली बिल्ली, ताड़ी बिल्ली, डेजर्ट बिल्ली, चीते, धारीदार लकड़बग्घा, चिंकारा, बिज्जू, चीतल, सांभर हिरण, नीलगाय, लंगूर, स्यागोश, मकाक, सियार, काले हिरण, स्लोथ बियर, भारतीय जंगली सूअर, रुफूसटेल्ड हेर, पाल्म येलो बेट, फाइवस्ट्राइप पाल्म गिलहरी, इंडियन फ्लाइंग फाॅक्स, गेरबिलिस, इंडियन मोल रेट, लोंगियर्ड हेजहाॅग, इंडियन पाॅक्र्यपाइन, छोटा भारतीय गन्धबिलाव और नेवला शामिल हैं।

विभिन्न उभयचर प्रजातियों में सामान्य मेंढक और काॅमन इंडियन टाॅड शामिल हैं। विभिन्न रेंगनेवाली प्रजातियों में मार्श मगरमच्छ, डेजर्ट माॅनिटर लिजर्ड, बेंडेड और आम क्रेट, भारतीय गिरगिट, साॅफ्ट शेल्ड कछुए, नाॅर्थ इंडियन फ्लेप शेल्ड कछुए, कछुए, रेट स्नेक, कोबरा, रेसल वाइपर, भारतीय अजगर और साॅ स्केल्ड वाइपर शामिल हैं।

पक्षी
रणथम्भौर नेशनल पार्क में प्रचुर मात्रा में जल निकाय होने के कारण यहां 272 प्रकार की प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमें प्रवासी पक्षी और देशी पक्षी दोनों शामिल हैं। इन सब पक्षियों को मलिक तालाब, राजबाघ तालाब और पदम तालाब के आसपास देखा जा सकता है।

अन्य आकर्षण
वनस्पति और जीव जन्तुओं के अलावा यहां के अन्य आकर्षणों में जोगी महल और खूबसूरत झीलें शामिल हैं।

9 दिसंबर 2006 को राजस्थान हाई कोर्ट ने टाइगर रिजर्व में निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जिससे सैलानी अब अपनी गाडि़यों पर टाइगर रिजर्व में वाइल्ड लाइफ सफारी पर नहीं जा सकते।

इस पार्क में लोगो को जीप में बैठकर ही जंगल देखना पड़ता है उन्हें यहापर ट्रेकिंग करने के लिए अनुमति नहीं दी जाती क्यों की इस जंगल में काफी महत्वपूर्ण उस्ताद नाम का बाघ (Ranthambore National Park Tiger) भी रहता है। यहापर देखेने के लिए पक्षी भी बड़ी संख्या में है।

इस पार्क में कुछ शाकाहारी प्राणी भी है जैसे की सांबर, नीलगाय और चिंकारा। इस पार्क का सबसे विशेष प्राणी सांबर हिरण है। इस पार्क में जो एशियाई हिरण दिन के समय में दीखते है वैसा एक भी हिरण पुरे एशिया में नहीं।

जंगली भालू और लंगूर यहापर आमतौर पर देखने को मिलते है। मगरमच्छ सरोवर से बाहर आकर सूरज के प्रकाश में खुद को गर्म करते है। तेंदुए, हैना, सियार, जंगली बिल्ली जैसे मांसाहारी प्राणी इस पार्क में पाए जाते है लेकिन इस पार्क का सबसे आकर्षक प्राणी बाघ है।